गांव बप्पां में मंगलवार को झीड़ी रोड पर बने मोहल्ले में एसडीएम कोर्ट के आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने 14 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की। उक्त मकान पंचायती जमीन पर बने हुए थे। कार्रवाई के दौरान लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से रहम की अपील की, लेकिन अधिकारियों ने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा।
गांवी बप्पा में लोगों ने पंचायती जगह पर अवैध रूप से कब्जा किया हुआ था। जिसको लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ रवि कुमार, ओढां थाना प्रभारी काशीराम बैनीवाल व बडागुढ़ा थाना प्रभारी सुमित कुमार पुलिस बल व जेसीबी मशीन के साथ मोहल्ले में पहुंचे। जैसे ही खेतों में गए मजदूर परिवारों को प्रशासनिक अमले के पहुंचने की सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंचकर गिड़गिड़ाते रहे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपना सामान निकालकर मकान खाली कर दें। जैसे ही पीला पंजा चलने लगा तो लोगों ने रोते-रोते अपने घरों से सामान निकालना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए जेसीबी की सहायता से 14 मकानों को मलबे में तब्दील कर दिया।
मोहल्ले में रहने वाले जोगिंद्र सिंह, जग्गा सिंह, बिट्टू सिंह व लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वे यहां पिछले कई वर्षां से रह रहे हैं। उनके यहां पर वोटर कार्ड सहित अन्य दस्तावेज यहीं के बने हुए हैं। उक्त जगह की एवज मेें उन्होंने एक व्यक्ति को पैसे भी दिए थे, लेकिन उनके पास उक्त जगह का मालिकाना हक नहीं है। महिला वीरपाल कौर, कमलेश व परमजीत कौर ने बताया कि उन्हें प्लाट ये कहकर बेचे गए थे कि यह जमीन वक्फ बोर्ड की है, लेकिन अनपढ़ता के चलते उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि उक्त प्लॉट पंचायती जमीन में आते हैं। लोगों ने कहा कि जब उनके वोट कार्ड व राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बना दिए गए और बिजली कनेक्शन भी दे दिए, तब ये क्यों नहीं देखा गया कि वे कब्जे की जमीन पर रहते हैं।
लोग बोले : दुकान पर क्यों नहीं चला रहे पंजा
कार्रवाई के दौरान लोगों ने मुख्य सड़क पर बनी एक भव्य दुकान को लेकर अधिकारियों पर पक्षपात के आरोप लगाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गरीबों का आशियाना तोड़ना तो आसान है कि लेकिन प्रभावशालियों पर पंजा क्यों नहीं चलाया जा रहा। माहौल गर्माता देख ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लेते हुए कानूनगों व पटवारी से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि इस दुकान पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जिस पर कानूनगों व पटवारी ने कन्नी काटते हुए दो टूक जवाब दिया कि ये दुकान कोर्ट में चले मामले के बाद बनाई गई है। लोगों ने कहा कि ये दुकान भी उसी व्यक्ति की है जिसने उन्हें अवैध तरीके से प्लॉट बेचे थे। लोगों के विरोध को देखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने दुकान पर पीला पंजा चलवाते हुए कहा कि सभी पर समान रूप से कार्रवाई होगी।
पिछली पंचायत के समय में एसडीएम के यहां पंचायती भूमि पर कब्जा करने का केस चल रहा था। इसमें फैसला आने के बाद उक्त कार्रवाई की गई है। सभी को पहले दो बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन लोगों ने घर खाली नहीं किए। 14 मकान तोड़े गए हैं। किसी के खिलाफ पक्षपात पूर्ण रवैया नहीं अपनाया गया। इसके अलावा जो भी नाजायज कब्जे हैं उस पर अगर कोई फैसला आता है तो उन पर भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- रवि कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट।