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Sirsa News: जिले में अब तक डेंगू के 32 मामले, दो मरीज निजी अस्पतालों में उपचाराधीन

Sun, 01 Nov 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। पशुओं के पानी पीने के लिए रखी होद में लार्वा की जांच करती हुए स्वास्थ्य विभाग की महिला क
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फोटो - 30, 31, 32
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- 52 टीमें घर-घर जाकर कर रही जांच, 240 से अधिक स्थानों पर मिला लार्वा, थमाए नोटिस
- गांवों के जोहड़ों में डलवाई गंबूजिया मछली, नगर परिषद और पंचायतों को फॉगिंग करवाने के निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में अक्तूबर माह के अंत तक डेंगू के 32 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दो मरीजों का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है, जबकि बाकी 30 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 52 टीमें तैनात की हैं, जो घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रही हैं। इन टीमों को अब तक 240 से अधिक स्थानों पर लार्वा मिला जिसे टीमें ने मौके पर ही नष्ट किया है।
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संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दोबारा लार्वा मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हाल ही में डबवाली उपमंडल क्षेत्र में डेंगू के चार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे और जांच अभियान तेज कर दिया है।
विभाग की टीमें घरों के अलावा गलियों और आसपास के स्थानों पर भी पानी जमा होने की स्थिति की जांच कर रही हैं। जहां लार्वा मिलता है, वहां लार्वा रोधी दवा डालकर उसे नष्ट किया जा रहा है।
पिछले साल जिले में डेंगू के 588 मामले सामने आए थे। अक्तूबर तक ही 200 से अधिक मरीज संक्रमित मिल चुके थे। इस बार विभाग ने शुरुआती दौर से ही निगरानी और रोकथाम की गतिविधियां शुरू कर दी थी।
इसी कड़ी में मत्स्य विभाग के सहयोग और स्वास्थ्य विभाग की हैचरी के माध्यम से गांवों के जोहड़ों में गंबूजिया मछली डलवाई गई है। यह मछली मच्छरों के लार्वा को खाती है और उनके प्रजनन पर नियंत्रण में सहायक होती है।
टीमें पूरी सतर्क, लार्वा रोधी दवा और जांच पर जोर : डॉ. अभिजित गर्ग
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अभिजित गर्ग ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं। किसी भी क्षेत्र में डेंगू का मामला सामने आने पर तुरंत टीम भेजकर संबंधित इलाके के घरों और गलियों की जांच करवाई जाती है। इस दौरान लार्वा मिलने पर मौके पर ही उसे नष्ट किया जाता है। इसके साथ ही आसपास रहने वाले लोगों की भी डेंगू संबंधी जांच करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने के बाद भी विभाग की ओर से उनके घरों और आसपास के क्षेत्र की निगरानी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार दवाइयां भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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फॉगिंग के लिए नगर परिषद और पंचायतों को निर्देश - सीएमओ
सीएमओ डॉ. पवन कुमार ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद और ग्राम पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग करवाने के निर्देश दिए हैं।

बॉक्स डेंगू के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार और सिरदर्द।
आंखों के पीछे दर्द।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द।
जी मिचलाना और उल्टी।
त्वचा पर लाल चकत्ते।
गंभीर स्थिति में पेट दर्द, लगातार उल्टी या नाक-मसूड़ों से खून आना।

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डेंगू से बचाव के उपाय
घरों में कूलर, गमलों, टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें।
पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें।
कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और उसकी सफाई करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करें।
बुखार होने पर चिकित्सक से परामर्श लें और डेंगू की जांच करवाएं।
पेट दर्द, लगातार उल्टी या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
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