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Sirsa News: घग्गर में पाइप लगाने के लिए अनुमति देने की मांग, दो घंटे तक किया प्रदर्शन

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सिंचाई विभाग में धरने पर पहुचे एक्सईएन से बातचीत करते हुए किसान ।
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सिरसा। खंड ऐलनाबाद के किसानों ने सिचाई विभाग में घग्गर में पानी के लिए पाइपें लगाने की अनुमति के लिए दो घंटे तक नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सिंचाई विभाग के एक्सईएन को मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा। अधिकारी से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने प्रदर्शन को समाप्त किया।
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बातचीत के दौरान सहमति बनने पर विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बातचीत के लिए 22 जुलाई को किसानों को फिर से बुलाया है। प्रदर्शन कर रहे किसान नेता प्रकाश ममेरा, गुरदीप सिंह, गुरजीत मान व रणजीत गोदारा न बताया कि घग्गर में सिंचाई के लिए पानी की पाइपों को डालने के लिए विभाग अनुमति नही दे रहा है।
इससे किसानों को धान की फसल में सिंचाई करने में परेशानी होती है। किसानों का कहना है कि किसान अपनी-अपनी पानी की पाइपों का सरकारी शुल्क भी देने को तैयार हैं, उनसे शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। इसके चलते किसानों में विभाग की कार्यप्रणाली पर संशय बना हुआ है। वहीं, किसानों का कहना है कि विभाग पानी की पाइपों का शुल्क जमा करवाए। घग्गर में आने वाले बारिश के पानी को व्यर्थ कहीं और छोड़ने के बजाय नहरों में छोड़ दिया जाए। जिससे कि पाइपों के जरिये पानी का प्रयोग किसान सिंचाई के लिए कर सकें।
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अब तक नहीं जमा करवाया पाइपों का शुल्क
किसानों ने बताया कि एसजीसी नहर, एनजीसी नहर और शेरावाली समानांतर नहर से बाढ़ का पानी हर साल धान के मौसम में पाइपों के जरिये किसानों को धान के खेतों में सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। राइस शूट नीति के तहत इन पानी की पाइपों का शुल्क 20 जून तक जमा किया जाता था। यदि किसी कारणवश राइस शूट नीति में देरी होती थी, तो पिछले वर्ष की नीति के अनुसार शुल्क जमा किया जाता था। इसके बाद घग्गर में बाढ़ का पानी आने पर पाइपें चलाने की अनुमति दी जाती थी। यदि नई नीति में कोई बदलाव होता था, तो उसके अनुसार अतिरिक्त शुल्क या दस्तावेज लिए जाते थे। उन्होंने बताया कि इस बार जुलाई माह खत्म होने को है न तो कोई नई नीति आई है और न ही अभी तक किसानों से राइस शूट शुल्क नहीं जमा करवाया जा रहा है। इस बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है।
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