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Sirsa News: पकड़े जाने पर नशा तस्कर एसआई के बाजू पर दांतों से काट भागा, दोबारा पकड़ा

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डबवाली। क्षेत्र में नशा तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिस पर भी हमला करने से नहीं हिचकिचाते। दरअसल, शहर में रविवार को मेडिकल नशे की तस्करी करते हुए पकड़े गए एक युवक ने शहर थाने में तैनात एसआई इंद्र की बाजू पर कई बार दांतों से काटकर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद वह उन्हें जमीन पर गिराकर भाग गया।
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हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उस आरोपी को दोबारा दबोच लिया। उसके पास से नशे में इस्तेमाल होने वाली करीब 3300 से अधिक कैप्सूल और गोलियां बरामद की गई हैं। शहर थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि प्रताप नगर, बठिंडा निवासी आरोपी राजेंद्र सिंह को 23 घंटे के लिए अपनी हिरासत में लिया था। अब ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर थाना में सुरक्षा अधिकारी एसआई इंद्र को सूचना मिली थी कि गोल चौक पर एक युवक नशे की तस्करी कर रहा है। सूचना मिलते ही एसआई इंद्र मौके पर चेकिंग के लिए पहुंच गए। उन्होंने वहां पर शक के आधार पर एक युवक को पूछताछ शुरू की। जब एसआई युवक को पकड़कर शहर थाने लेकर आने लगे तो उसने एसआई की बाजू पर कई बार काटा और उनको धक्का दे दिया। जब एसआई गिर गए तो युवक वहां से भाग गया। एसआई ने इस घटना की सूचना तुरंत थाने में दी।
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इस पर शहर थाने से एसआई राधेश्याम और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इसी दौरान फरार हुआ युवक एसआई इंद्र सिंह को नजर आया और उन्होंने उसे पकड़ लिया। युवक के पास से नशे के लिए प्रयोग होने वाले 115 पत्ते प्रीगैबलिन कैप्सूल और 160 पत्ते ट्रामाडोल गोलियों के बरामद हुए। पुलिस ने इसकी सूचना ड्रग इंस्पेक्टर सुनील मेहला को दी।

पंजाब से बड़े स्तर पर आता है मेडिकल नशा
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नशा तस्करों ने नशा करने वालों को ही सप्लाई के नेटवर्क में जोड़ लिया है। ऐसे में सप्लायरों को पकड़े जाने का खतरा भी कम हो जाता है। पंजाब से बड़े स्तर पर मेडिकल नशे की सप्लाई हर तरह के वाहनों से हो रही है। इतना ही नहीं, ग्रामीण एरिया के रास्तों से भी नशा सप्लाई किया जाता है। हरियाणा और पंजाब बॉर्डर एक होने के कारण बड़े सस्ते दामों पर नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाओं को बेचा जाता है। नशे की सप्लाई के कोरियर सर्विस, बस सर्विस, ई-रिक्शा, प्राइवेट वाहन, मेडिकल सिस्टम सहित अन्य तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है। ये तस्कर 300 रुपये तक एक खेप का देते हैं और युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं। इन लोगों की ओर से डिब्बों में पार्सल की तरह पैक कर मेडिकल नशा इधर से उधर हो रहा है। सूत्रों के अनुसार, संतरी गोली जो आजकल नशे में सबसे अधिक प्रयोग हो रही है, उसे 20 रुपये प्रति गोली के हिसाब से बेचा जा रहा है।
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