कोर्ट ने भेजा 2 दिन के पुलिस रिमांड पर, अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुस्तक विक्रेता के 12 वर्षीय पुत्र पुण्य का अपहरण कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में शहर थाना पुलिस ने मंगलवार को आरोपी दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दीपक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ योजना तैयार की थी। आरोपी सौरभ भी इस अपहरण की साजिश में शामिल था।
अदालत ने आरोपी दीपक शर्मा को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शहर थाना प्रभारी बलराज का कहना है कि पुलिस रिमांड में आरोपी दीपक से निशानदेही कराई जाएगी और उसके दो अन्य साथियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी राजेश की सूरतगढ़िया बाजार स्थित किताबों की दुकान में चतरगढ़पट्टी निवासी सौरभ सैनी पिछले तीन साल से काम कर रहा था। राजेश के मुताबिक, उसका बेटा पुण्य सेंट जेवियर स्कूल रेलवे कॉलोनी सिरसा में 8वीं कक्षा में पढ़ता है। वह शाम को ट्यूशन पढ़ने के लिए सी ब्लॉक में वीना मेहता के पास दो साल से जा रहा है। सौरभ ही पुण्य को ट्यूशन छोड़ने जाता था।
21 मई की शाम 5 बजे को सौरभ पुण्य को बाइक पर बैठाकर ट्यूशन छोड़ने जा रहा था। मैडम के घर वाली गली में पीछे से एक नैनो कार उनके बाइक के आगे लगा दी गई। राजेश के अनुसार सौरभ ने बाइक रोक दी फिर कार की कंडक्टर साइड से एक युवक उतरा, उसने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। उसके बाद उस युवक ने सौरभ को पहले खींचकर कार के अंदर पीछे वाली सीट पर डाल दिया।
राजेश के अनुसार बाद में पुण्य को भी कार की पीछे वाली सीट पर खींचकर बैठा दिया। कार में दो युवक पहले से बैठे हुए थे। इसके बाद एक युवक ने पुण्य की आंखों पर रुमाल बांध दिया और सौरभ को रुमाल बांध कर बेहोश कर दिया। थोड़ी देर चलने के बाद उन्होंने एक जगह कार रोक दी और उसके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कॉल की।
कॉल करके मांगे 70 लाख रुपये
अपहरणकर्ताओं ने राजेश को 5 बजकर 17 मिनट पर पहली कार की। इसके बाद लगातार 16 कॉल उसके पास आई। लास्ट कॉल एक घंटा 44 मिनट तक चली। अपहरणकर्ताओं ने उसे कहा कि आपका बच्चा हमारे पास है। मैंने पूछा कौन सा बच्चा। फिर उन्होंने पुण्य से बात कराई। मैंने उनसे कहा कि सौरभ कहां है तो उन्होंने कहा कि सौरभ को हमने बेहोश कर दिया है। अगर बच्चा वापस चाहते हो तो 70 लाख रुपये दे दो।
तीन लाख रुपये लेकर घर से चल दिया राजेश
राजेश के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने उसे कहा कि बिना फोन काटे बरनाला रोड जेसीडी से आगे फ्लाई ओवर पर पहुंचो। वहां पर बाईं तरफ एक नाला है, वहां पैसे रख दो। इसके बाद राजेश ने तीन लाख रुपये एक लिफाफे में डाले और कुछ किताबें उसमें रख दीं ताकि उनको लगे कि पैसे पूरे हैं क्योंकि 70 लाख रुपये उसके पास नहीं थे।
राहगीर ने फोन पर दी पुण्य की सूचना
रात करीब साढ़े 9 बजे राजेश के पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि आप पुण्य के पिता बोल रहे हो, आपका बच्चा मेरे साथ राम नगरिया राधा स्वामी भवन समक्ष पर खड़ा है। इसके बाद राजेश व पुलिस वहां पहुंची और पुण्य को सुरक्षित पाया। राजेश के अनुसार, पुण्य ने उसे सारी बात बता दी। पुण्य का अपहरण दुकान में काम करने वाले सौरभ सैनी निवासी चतरगढ़पट्टी, दीपक शर्मा निवासी रामनगरिया व उनके दो साथियों ने मिलकर किया था।
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