फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली कर्मचारी की खंभे पर करंट लगने से मौत, बिना परमिट चढ़ा दिया ऊपर

विज्ञापन
विज्ञापन
गांव पक्का शहीदां में बिजली निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते करंट की चपेट में आकर एक बिजली कर्मचारी सोनू की मौत हो गई। गांव पाना निवासी सोनू बिजली निगम में ठेकेदार ओमप्रकाश के पास काम करता था।
विज्ञापन


 अधिकारियोें ने अपनी लापरवाही पर पर्दा डालने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए चार गांव की पंचायत के बीच मृतक के परिजनों को 14 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया।

 इसके बाद किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह पक्का के पास लिखित समझौते ही प्रति जमा करवाई गई। मृतक के परिजनाें ने भी पुलिस को किसी प्रकार की शिकायत या अधिकारियों के खिलाफ बयान नहीं देने का वादा किया है।
विज्ञापन


बयानों के आधार पर पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करके रविवार को सामान्य अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। बिना परमिट के ही ठेके पर लगे सोनू को खंभे पर चढ़ा दिया गया था। पीछे से लाइन चालू होने की वजह से उसे जोरदार करंट लगा।


देरी से पहुंचे बिजली अधिकारी, जोरदार नारेबाजी
जानकारी अनुसार गांव पाना निवासी सोनू शनिवार शाम को अपने सहयोगी नरेंद्र के साथ किसान दर्शन सिंह के खेत में मोटर का कनेक्शन लगा रहा था कि अचानक तारों में करंट आने से सोनू को करंट का झटका लग गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और बिजली निगम को इसकी जानकारी दी।

घटना के कई घंटे बीत जाने तक बिजली निगम के अधिकारियों के समय पर न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष फैल गया और उन्होंने निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख थाना कालांवाली के प्रभारी सुभाष विश्नोई, रोड़ी पुलिस और डीएसपी डबवाली मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया। काफी समय बाद निगम के जेई विनोद कुमार व बलकरण मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बात की, लेकिन ग्रामीण एसडीओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। मौके पर पहुंचे एसडीई पंकज द्वारा मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।

चार गांवों की पंचायत में समझौता
इसके बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में चार गांवों की पंचायत हुई, जिसमें गांव पाना, पक्का शहीदां, दाहिया और पीपली गांव के वरिष्ठ लोग मौजूद थे। पंचायत में बिजली निगम अधिकारियों ने अपनी लापरवाही के लिए माफी मांगी क्योंकि उन्होंने बिना परमिट लिए ही अनुबंध के आधार पर एएलएम एवं ठेकेदार ओमप्रकाश के पास काम करने वाले सोनू को ट्यूबवेल की लाइन ठीक करने के लिए ऊपर चढ़ा दिया था।


 निगम अधिकारियों ने पंचायत में मृतक के परिवार को 14 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया। डीएसपी व थाना कालांवाली प्रभारी की मौजूदगी में मौत पर हुई इस पंचायत के बाद परिजनों ने किसी के खिलाफ बयान नहीं देने की बात मान ली। पंचायत में हुए फैसले की एक प्रति किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह पक्का के पास रखी गई।


गांव पाना के सरपंच सुरजीत सिंह ने बताया कि पंचायत में मुआवजा देने की बात पर फैसला हो गया है। रात को बिजली नहीं होने के कारण लिखित में हुए पंचायती फैसले की फोटोस्टेट नहीं करवा सके। पंचायती फैसले के बाद मृतक सोनू के शव को बिजली के खंभे से नीचे उतारा गया। मृतक सोनू अपने पीछे दो मासूम बेटियों को छोड़ गया है।

बिना परमिट लिए सोनू को चढ़ा दिया खंभे पर
किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम पक्का ने आरोप लगाया कि निगम की लापरवाही की वजह से युवक की जान गई है। जब सोनू ने लाइट बंद करने को कहा था तो लाइट सोनू को बिना बताए क्यों चालू की गई। उन्होंने दोषी लोगों पर उचित कार्रवाई करने और मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दे।

पुलिस ने की इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई
सिंघपुरा चौकी के प्रभारी खेता राम ने बताया कि पुलिस ने मृतक के पिता पप्पी राम के बयान पर धारा 174 के तहत इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। वहीं बिजली विभाग के एसडीई पंकज गंडा ने कहा कि निगम द्वारा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा और करंट लगने की जांच की जाएगी।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें