थाना कालांवाली के अधीन सिंघपुरा चौकी में 12 जून की रात को पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले को लेकर मंगलवार को मृतक के परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय पर किए प्रदर्शन में उनके साथ ह्यूमन राइट्स-आरटीआई एसोसिएशन के सदस्यों भी थे।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मामले निष्पक्ष जांच करवाकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जांच की मांग को लेकर उन्होंने नगराधीश को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर पांच दिन में कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन या रास्ते जाम करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस सात लाख रुपये देकर राजीनामे का दबाव बना रही है।
पुलिस हिरासत में लिए गए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मंगलवार को मृतक के परिजनों और ह्यूमन राइट्स व आरटीआई एसोसिएशन के सदस्यों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर प्रदर्शन किया और उपायुक्त के न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सीटीएम बिजेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर उक्त मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी सात लाख रुपये देकर राजीनामा करने के लिए बार-बार दबाव बना रहे हैं। हालांकि इस मामले में एसपी ने दो पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है साथ ही चौकी प्रभारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करवाई है।
समझौते का बना रहे दबाव
राजेंद्र सिंह, दीपक ठाकुर, राजेंद्र प्रसाद, महेंद्र सिंह, सन्नी, सूरज, संतोष, निर्मला, पूनम आदि ने परिजनों ने बताया कि एसपी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो पुलिस कर्मियों को जहां सस्पेंड किया था, वहीं चौकी प्रभारी के खिलाफ जांच बैठाई थी पर तभी से लेकर अब तक पुलिस की ओर से उन्हें लगातार रुपये का लालच देकर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि उनकी मांग है कि इस मामले में की पूरी बारीकी से निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि मामले का खुलासा हो सके। इसके साथ-साथ अवैध रूप से हिरासत में रखने के आरोप में पुलिस कर्मचारियों पर केस दर्ज किया जाए। वहीं परिजनों की मांग है कि मृतक संदीप के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि उसके परिवार का पालन-पोषण हो सके।
क्या था मामला
हांसी क्षेत्र के ढाणी कुतुबपुर निवासी करीब 26 वर्षीय संदीप 12 जून को अपने दोस्त सिरसा के गोशाला निवासी अमित के पास आया हुआ था। वहां से वह बाइक लेकर कालांवाली क्षेत्र में स्थित दादू रोड पर चला गया। इसी दौरान वहां राजस्थान के गांव गालड़ निवासी राजेश कुमार व राजपुरिया निवासी विकास उसे मिले। तीनों एक माइनर पर खड़े थे। इसी दौरान सिंघपुरा चौकी पुलिस की टीम गश्त करती हुई वहां से निकली।
पुलिस की टीम ने तीनों युवकों को वहां खड़ा देखकर शक के आधार पर पूछताछ की। इस दौरान उनसे पुलिस को करीब एक लाख 15 हजार की नगदी भी बरामद हुई। युवकों ने अपनी पहचान बताई और गांव के सरपंच से भी पुलिस की बात करवाई, पर पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा और हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार रात्रि करीब दो बजे संदीप के सीने में दर्द हुआ। पुलिस कर्मियों ने तुरंत संदीप को कालांवाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने न तो दोनों युवकों को उसकी मौत बारे में बताया और न ही उसके परिजनों को। परिजनों ने भी पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे।