उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने मंगलवार को सुबह नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेष बच्चों के लिए बनाए गए डिस्ट्रिक अर्ली इंटरवेशन सेंटर में वह पहुंची। जहां कोई बच्चा नहीं दिखने पर उपायुक्त ने अस्पताल प्रशासन को लताड़ लगाई।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि बजट के अभाव के चलते बच्चों को लाने-ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके जवाब में उपायुक्त ने कहा कि बजट का बहाना नहीं चलेगा, अगर बजट नहीं है तो उन्हें इस बारे में उन्हें बताया क्यों नहीं गया। आगे से इस बात का ध्यान रखा जाए। डेढ़ घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन की सांस अटकी रही।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ सुबह दस बजे नागरिक अस्पताल पहुंची थी। सर्वप्रथम उन्होंने ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने सभी वार्डों का दौरा किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त सीटी स्कैन व एक्सरे सेंटर में निरीक्षण के लिए पहुंची तो उसी समय बिजली चली गई। उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि अस्पताल में आने वाले रोगियों को हर प्रकार की सुविधाएं मिलने चाहिए।
रोगियों को पर्ची लेने के लिए ज्यादा समय तक लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़े इस ध्यान रखा जाए। शिशु वार्ड मेें सफाई व्यवस्था का पूरा ख्याल रखा जाए और बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने चाहिए। उपायुक्त ने सिविल सर्जन से कहा कि जरूरत होने पर ही रोगियों को रेफर किया जाए, ज्यादा प्रयास यह रहे कि अस्पताल में ही उनका बेहतर तरीके से उपचार किया जाए।