कालांवाली। डीएपी खाद की कमी सोमवार को भी बनी रही। अनाज मंडी स्थित किसान कैंटीन के बाहर खाद लेने के लिए किसानों की लंबी कतारें लगी थीं। भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मी तैनात किए गए फिर भी किसानों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
कई किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ा। खाद लेने के लिए किसानों को पहले टोकन पर्ची कटवानी पड़ी, जिसके लिए वे सुबह से कतार में थे। गुरजंट सिंह, इकबाल सिंह और अन्य किसानों ने बताया कि सरसों की बिजाई का समय नजदीक है।
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उन्हें डीएपी खाद की आवश्यकता है जिससे फसल की बिजाई प्रभावित होने की चिंता सता रही है। किसानों ने कहा कि वे अलसुबह से टोकन के लिए लाइन में लगने को मजबूर हैं। सरकार पर्याप्त डीएपी उपलब्ध होने का दावा कर रही है पर जमीनी स्तर पर किसानों को घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा है।
गेहूं और सरसों की अगेती बिजाई के लिए डीएपी की जरूरत है। समय पर खाद नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ रही है।
कृषि विभाग के एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि सोमवार को डीएपी खाद के 22 बैग पहुंचे थे। किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रति किसान दो-दो बैग के टोकन काटे गए। इसका उद्देश्य उपलब्ध खाद को अधिक से अधिक किसानों तक वितरित करना था। यह कदम किसानों की तात्कालिक जरूरत पूरी करने के लिए उठाया गया।