सिरसा। शहर के बाल भवन में चल रहे बाल महोत्सव के दूसरे दिन बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में 600 से ज्यादा विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। जिलेभर के सरकारी और निजी विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने अपने हुनर, आत्मविश्वास और सृजनात्मकता से सभी का मन मोह लिया।
बाल महोत्सव में इस बार कुल 44 विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें नृत्य, गायन, चित्रकला, कविता पाठ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, हस्तकला, नाटक, मॉडल प्रदर्शन, लोकगीत, लोकनृत्य, स्किट और निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। बच्चों ने मंच पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिताएं आयु वर्ग के अनुसार विभाजित की गई हैं, ताकि हर छात्र अपनी क्षमता के अनुसार भाग ले सके।
हरियाणा और पंजाब की संस्कृति का बोलबाला
बाल महोत्सव के दूसरे दिन मंच पर हरियाणा और पंजाब की लोक संस्कृति का जबरदस्त रंग देखने को मिला। बच्चों ने पारंपरिक हरियाणवी और पंजाबी परिधानों में लोकगीतों व लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। हरियाणवी रागनी और गिद्धा की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम स्थल पर माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों में रंगा नजर आया।
बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता और आत्मविश्वास
चित्रकला और हस्तकला प्रतियोगिता में बच्चों ने पर्यावरण, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर आधारित विषयों को चुनकर अपनी सोच को रंगों में पिरोया। कई विद्यार्थियों ने मिट्टी और घरेलू वस्तुओं से आकर्षक मॉडल तैयार किए। वहीं कविता और भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चों ने मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखी।
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मंगलवार को इस विधाओं में लिया भाग
- फन गेम्स बॉयज व गर्ल्स, ग्रुप तीसरा
- सोलो डांस, ग्रुप दूसरा और तीसरा
- सोलो सॉन्ग, ग्रुप दूसरा, तीसरा और चौथा
- क्लासिकल सोलो डांस, दूसरा, तीसरा और चौथा
- रंगोली, ग्रुप तीसरा व चौथा
बाल भवन में बाल महोत्सव का दूसरा दिन अच्छा रहा। दूसरे दिन बाल महोत्सव में करीब 600 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। यह बाल महोत्सव आगामी 18 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें निजी व राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। -
पूनम नागपाल, जिला बाल कल्याण अधिकारी, सिरसा।