चौपट होने के कगार पर पहुंचीं गेहूं और सरसों की फसल
शनिवार को रानियां क्षेत्र में हुई 40 एमएम बारिश
किसान बोले-अगर दो दिन में मौसम साफ न हुआ तो बर्बाद हो जाएंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा/रानियां। जिले में पिछले तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। शनिवार दोपहर को फिर काले बादल छा गए। इसके बाद रानियां इलाके में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इ ससे गेहूं की बालियां झड़ गईं और खेतों में पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी जिले में बारिश होने के आसार हैं।
शनिवार को रानियां शहर, गांव रामपुर थेड़ी, भड़ोलियांवाली, बालासर, कुस्सर, नाईवाला व आसपास के क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई। इस दौरान क्षेत्र में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सताने लगा है। इस इलाके में वीरवार को 20 एमएस, शुक्रवार को 30 एमएस और शनिवार को 40 एमएम से ज्यादा बारिश हुई है। इससे खेतों में पकी गेहूं की फसलों में पानी भर गया और काफी जगहों पर फसलें बिछ गईं।
किसान जंटा सिंह व अमरीक सिंह ने बताया कि खारियां क्षेत्र के अनेक किसानों की सरसों की फसल अब तक खेतों में पड़ी है जो बार-बार हो रही बारिश की वजह से नहीं निकाली जा सकी है। इसके साथ ही गेहूं व जौ की फसल बार-बार भीगने से खराब होने लगी है।
किसानों ने बताया कि गेहूं का दाना फूलने व बालियां काली होने लगी हैं। उन्होंने बताया कि सुबह तेज धूप निकलते ही एक और गेहूं व जौ के दाने तेज हवा के साथ निकलकर जमीन पर बिखरने लगे। वहीं, जमीन गीली होने के कारण कंबाइन मशीन का खेतों में चलाना मुश्किल हो रहा है।
किसानों का कहना है कि अगर एक-दो दिन में मौसम साफ नहीं हुआ तो उनकी पांच माह की मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। किसानों ने बताया कि गत तीन सालों से खरीफ की फसलें नहीं हो रहीं जिससे वह पहले ही आढ़तियों के कर्जदार हैं और अब रबी की फसल भी खराब हो गई तो वे बर्बाद हो जाएंगे।
किसानों ने सरकार से बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्र की स्पेशल गिरदावरी कर नुकसान की भरपाई की मांग की है।
बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 31 मार्च को हुई बारिश व ओलावृष्टि से क्षेत्र के कई गावों में गेहूं आदि फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा, शुक्रवार व शनिवार को भी हुई बरसात से गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है।इसके अलावा, मौसम विभाग की भी बरसात को लेकर सतर्क दिया है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने शनिवार को अपनी टीम के साथ क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर प्रभावित फसलों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के अनेक गांवों में बरसात व ओलावृष्टि के कारण नरमा व सरसों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है जिस कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि किसानों ने फसल को तैयार करने पर हजारों रुपये खर्च किए लेकिन जब फसल पक कर तैयार हुई तो बारिश व ओलावृष्टि के कारण उनकी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं।
औलख ने कहा कि जिन किसानों ने ठेके पर जमीन लेकर फसल की बिजाई की थी उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसलों की तुरंत प्रभाव से स्पेशल गिरदावरी करवा कर किसानों को मुआवजा दिया जाए ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।