चोपटा क्षेत्र में बारिश के बाद लहलहाती नरमे की फसल। संवाद
चोपटा। पैंतालिसा क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद हुई बारिश से गर्मी उमस से राहत मिली। वहीं सावनी की फसल को भी फायदा हुआ है। किसान कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे थे। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में 60,000 हेक्टेयर में सावनी की फसल की बिजाई हुई है। 26,000 हेक्टेयर में बीटी नरमा, 3,000 हेक्टेयर में देसी कपास, 800 हेक्टेयर में मूंगफली, 17,000 हेक्टेयर में ग्वार, 900 हेक्टेयर में बाजरा और करीब 2100 हेक्टेयर में धान फसल की बिजाई की गई है।
इस फसल को बारिश से संजीवनी मिल गई है। क्षेत्र के कागदाना, कुम्हारिया, गीगोरानी, नाथूसरी चोपटा, शाहपुरिया, गुडिया खेड़ा, रुपावास, खेड़ी, हंजीरा, लुदेसर सहित कई गांवों में रविवार सुबह से ही बादलवाही होने से उमस व गर्मी का प्रकोप कम हो गया। दोपहर बाद क्षेत्र में हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आ गई और गर्मी से राहत मिली।
किसान महेंद्र सिंह, जगदीश, महावीर, कृष्ण कुमार का कहना है कि सावनी की फसल में नरमा, मूंग, मूंगफली और धान फसल की बिजाई की गई है। यह फसल सिंचाई के अभाव में खराब हो रही थी। और लेकिन अब अचानक आए मौसम में बदलाव से और बारिश से इन फसलों को संजीवनी मिल गई है। इनका कहना है कि लगातार कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस से पशुओं को भी भारी परेशानी हो रही थी।
चोपटा खंड में अब क्षेत्र में अब तक 60,000 हेक्टेयर में सावनी की फसल की बिजाई हुई है। बीटी नरमा, देशी कपास, मूंगफली, ग्वार, बाजरा और धान फसल की बिजाई की गई है इस फसल को बारिश से फायदा होगा।
- डॉ. शैलेंद्र सहारण, कृषि विकास अधिकारी, चोपटा।