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Sirsa: नशे की ओवरडोज से एक और युवक की मौत, अब तक 43 युवकों की नशे के कारण गई जिंदगी

Sun, 28 Aug 2022 12:58 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, ओढां, सिरसा (हरियाणा)

सार

नशे का इंजेक्शन मुहैया कराने वाले आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिरसा जिले में पुलिस प्रशासन के तमाम पाबंदियां लगाने के बावजूद नशीले पदार्थ का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। जिले में नशे के कारण हो रही मौत का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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नशे की ओवरडोज से युवक (31) की मौत हो गई। युवक का शव गांव टप्पी में खेत से बरामद हुआ है। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में आरोपी मंदीप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या में रिपोर्ट दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए बयान में मृतक के पिता गांव मिठड़ी निवासी जगतार सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरपाल सिंह नशे का आदी था। शुक्रवार से घर से वह लापता था। शनिवार को उन्हें सूचना मिली कि उनका बेटा गांव टप्पी में मंदिर के निकट स्थित एक खेत में मृत पड़ा है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता के मुताबिक उसके बेटे को गांव टप्पी निवासी मंदीप सिंह ने नशे का इंजेक्शन दिया है। उनके बेटे की नशे की ओवरडोज से मौत हुई है।

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जिले में अब तक 43 युवकों की नशे के कारण गई जिंदगी
सिरसा जिले में पुलिस प्रशासन के तमाम पाबंदियां लगाने के बावजूद नशीले पदार्थ का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। मुख्यमंत्री ने भी माना था कि पुलिस प्रशासन की हीलाहवाली के कारण नशे की ओवरडोज से लोगों की जान जा रही है। शुक्रवार को एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत होने के कारण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।

जिले में नशे के कारण हो रही मौत का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। 29 मई को गांव ओढां में प्रगति रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंच से जिले में नशे की ओवरडोज से हुई मौतों के आंकड़े गिनवाए थे। उन्होंने माना था कि जिले में वर्ष 2022 में मई माह तक नशे की ओवरडोज से 24 मौतें हुई हैं। इसके बाद से ये आंकड़ा तीन माह में और बढ़ गया। पिछले करीब तीन माह के अंतराल में जिले में नशे की ओवरडोज के कारण करीब 19 और लोगों की मौतें हो चुकी है। 
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वर्ष 2022 के आंकड़ों में गौर किया जाए तो जिले में नशे की ओवरडोज से अब तक करीब 43 मौतें हो चुकी हैं। कई केस में तो परिजनों ने कोई कार्रवाई ही नहीं करवाई। ओवरडोज के बढ़ रहे ग्राफ से लोगों में चिंता देखी जा रही है।

मेडिकल नशे पर नहीं कसा जा रहा शिकंजा  
नशे पर अंकुश लगने की बात कहकर पुलिस भले ही खुद की पीठ थपथपा ले। हालांकि यह सच्चाई है कि पिछले तीन माह के अंतराल में करीब 19 मौतें नशे की ही वजह से हुई है। पुलिस प्रशासन मेडिकल नशे पर शिकंजा कसने में नाकाम है। मेडिकल स्टोरों पर जीवनरक्षक दवाइयों की आड़ में सरेआम नशीली दवाइयों की बिक्री ऊंचे दामों पर की जाती है। इस मामले में कालांवाली व डबवाली क्षेत्र हमेशा से ही चर्चा की विषय बना रहा है। 

पुलिस ने मृतक के पिता के बयान पर टप्पी निवासी मंदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मृतक के पास ऐसी कोई नशीली वस्तु या सिरिंज नहीं मिली है। मृतक का रक्त व विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -कर्ण सिंह, थाना प्रभारी, ओढां।

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