विवाहिता को दहेज को लेकर जान से मारने की कोशिश करने वाले आरोपी ससुराल वालों को गिरफ्तार नहीं करने पर सोमवार सुबह गांव पतली डाबर के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह 11 बजे सैकड़ों ग्रामीण पीड़ित परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और घेराव कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को काफी बुरा भला बोला और उनकी कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता कार्यालय में अंदर बैठे गुस्से में हंगामा कर रहे ग्रामीणों को सीसीटीवी कैमरे से देख रहे थे। डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ ने ग्रामीणों को समझाने के लिए उनके बीच आए तो ग्रामीण ने उन्हें साफ बोल दिया कि पुलिस अधीक्षक के अलावा किसी से बातचीत नहीं करेंगे। डीएसपी के काफी समझाने के बाद भी ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी ग्रामीण कार्यालय के समक्ष ही धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार सहित मौजिज ग्रामीणों को कार्यालय में बुलाया।
एसपी से पीड़िता के भाई दीपक लूथरा ने बताया कि 19 सितंबर को उसकी बहन को ससुराल वालों ने मारपीट करके नेशनल हाईवे पर गाड़ी से नीचे फेंक दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस अधीक्षक ने सारी बात को गंभीरता से सुना और डीएसपी हेड क्वार्टर विजय कक्कड़ को निर्देश दिए कि सीआईए, स्पेशल स्टॉफ व शहर थाना पुलिस की टीमों का गठन करके आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों का पता कर उन्हें दो दिन के भीतर गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर ग्रामीणों का क्रोध शांत हुआ।
ये है पूरा मामला
पीड़िता के भाई दीपक लूथरा निवासी पतली डाबर का कहना है कि उसकी बहन की शादी खन्ना कॉलोनी निवासी सतीश धमीजा से हुई थी। छह माह तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में ससुरालियों ने दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को परेशान करना शुरू कर दिया। कई बार मारपीट भी की। 19 सितंबर को पति रितेेश धमीजा, ससुर मास्टर सतीश धमीजा, मामा ससुर सुभाष किनरा, सुकेश किनरा, सास कौशल धमीजा नेे विवाहिता को बुरी तरह से डंडों से पीटा और उसके बाद अंबेडकर चौक नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार चलती गाड़ी से मारने की नीयत से फेंककर भाग गए। इस संबंध में शहर थाना पुलिस ने पति समेत पांचों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया। लेकिन पुलिस ने घटना के 19 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की।
एसपी ने दिलाया भरोसा
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दीपक लूथरा ने एसपी से बातचीत के बाद कहा कि उन्हें पुलिस अधीक्षक आश्वासन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने गंभीरता पूर्वक सारी बात सूनी है। हमें लगता है कि न्याय जरूर मिलेगा।
गिरफ्तारी के लिए दी जा रही है दबिश
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आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देनी शुरू कर दी है। जल्द ही सारे आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।
विजय कक्कड़, डीएसपी हेड क्वार्टर, सिरसा।