सफेद मक्खी से खराब हुई कॉटन की फसल के मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। गांव तेजाखेड़ा के पटवारी बलवंत सिंह ने किन्नू के बागों को कॉटन के खेत दिखाकर फर्जी गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर दी। मामला सामने आने के बाद पटवारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
गांव तेजाखेड़ा के किसान रामकुमार ने एसडीएम डबवाली संगीता तेत्रवाल को शिकायत सौंपकर कहा था कि उनके गांव में करीब 2200 एकड़ भूमि में कृषि होती है। जिसमें से करीब 1600 एकड़ जमीन पर किन्नू के बाग हैं। पिछले दिनों सफेद मक्खी के प्रभाव से कॉटन की फसल खराब हो गई थी। किसान परेशान हैं। इसका फायदा उठाते हुए पटवारी बलवंत सिंह ने बड़े जमींदारों के साथ मिलकर बागों को ही कॉटन के खेत दिखा दिया। गिरदावरी रिपोर्ट देखने से पूरी स्थिति साफ हो जाती है।
शिकायतकर्ता ने तथ्य पेश करते हुए यह भी बताया कि बागों के अतिरिक्त गांव में खाली पड़े प्लाटों, जिनमें गंदगी या फिर कॉटन स्टिक पड़ी है, उसमें भी कॉटन दिखाकर मुआवजा देने का प्रयास किया है। पटवारी के खेल का भंडाफोड़ करने के लिए सरकारी कार्यालय में गए एक किसान का नाम सूची में लिखकर उसे 1600 रुपये मुआवजा राशि देने की तैयारी थी। पटवारी ने करीब पौने चार सौ किसानों को सवा दो करोड़ रुपये मुआवजा राशि देने के लिए सूची बनाई थी। वह करीब 86 किसानों के एकाऊंट में पैसा ट्रांसफर करवाने में सफल हो गया। जिसमें से 16 किसानों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये निकलवा लिए हैं।
डीसी ने किया सस्पेंड
शिकायत के आधार पर तहसीलदार नौरंग दास, नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र तथा संबंधित कानूनगो मलकीत सिंह ने गिरदावरी रिपोर्ट की जांच की। प्राथमिक जांच में शिकायत को सही करार देते हुए पाया कि गिरदावरी रिपोर्ट से छेड़छाड़ की गई है। बागों को कॉटन के खेत दिखाकर मुआवजा राशि दी जा रही है। खुलासा होते ही पटवारी बलवंत सिंह को उपायुक्त शरणदीप कौर ने सस्पेंड कर दिया है।
पटवारी का कितना कमीशन?
पटवारी बलवंत को सस्पेंड करने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अभी तक जांच अधिकारी नियुक्त नहीं हुआ है। सवाल उठ रहा है कि किन्नू उत्पादकों को कॉटन का मुआवजा देने के बदले पटवारी का कितना कमीशन था? अधिकारियों का कहना है कि जांच लंबी चलेगी, जिसके बाद सामने आ जाएगा कि सवा दो करोड़ रुपये में पटवारी को कितने मिलते?
पटवारी बलवंत सिंह ने गिरदावरी रिपोर्ट में बाग को कॉटन के खेत दिखाया है। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मुआवजा राशि के ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है। जिन किसानों के खातों में राशि गई है, वे भी वापिस ली जाएगी। पटवारी बलवंत सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल जांच अधिकारी नियुक्त नहीं हुआ है।
-नौरंग दास, तहसीलदार, डबवाली