जहां विश्वास होता है, वहीं पर विश्वासघात। यह कहावत पंडपुर साहूपुर डकैतीकांड में सटीक बैठती है। मालिक के पास करोड़ों की संपत्ति होने के कारण ही धनीराम ने घर की रखवाली करने का निर्णय लिया। वह पिछले पांच साल से घर की रखवाली कर रहा था। पगार पांच हजार रुपये मिलने से वह असंतुष्ट था। धनीराम ने एक ही झटके में करोड़ों रुपये हड़पने के लालच में अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर डकैती की साजिश रच डाली।
बिधूना कोतवाली क्षेत्र के गांव पंडपुर-साहूपुर में पड़ी डकैती मामले में केयर टेकर धनीराम पिछले पांच सालों से घात लगाए बैठा था। केयर टेकर का नाम तो धनीराम था लेकिन उसके पास धन की कमी थी। यहीं सोचकर उसने अशोक गुप्ता के घर की रखवाली करने का निर्णय लिया। करीब तीन साल तक जब धनीराम ईमानदारी से काम करता रहा तो फार्म हाउस मालिक अशोक कुमार उस पर आंख बंदकर विश्वास करने लगे।
उसे घर के कमरों से लेकर बाहर तक जाने की छूट दे दी। यहां तक कि अशोक कुमार ने अपने पूरे व्यापार की जानकारी धनीराम को दे डाली। ब्याज में उठाए गए रुपयोें की वसूली भी उसी से कराने लगे। जब धनीराम को पाई-पाई की जानकारी हो गई तो उसने घर में डकैती डालने की साजिश रची। 15 अप्रैल को धनीराम ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर डकैती को अंजाम दे दिया। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि पहले से ही केयर टेकर धनीराम पर शक था, लेकिन पीड़ित की ओर से नामजद तहरीर दिए जाने से दिशा भ्रमित हुई। नए सिरे से जांच शुरू की गई। जिसमें घटना का मास्टर माइंड केयर टेकर ही निकला।