अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान जस्टिस से बात करते अंकित के परिजन
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जिला जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले हवालाती अंकित और केशव के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार दोपहर चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय बोर्ड ने किया। मजिस्ट्रेट समक्ष पुलिस ने मृतकों के परिजनों का बयान दर्ज किया। अंकित के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसकी मां राजबाला को जेल प्रशासन ने पुलिस प्रोटेक्शन में दो घंटे की छुट्टी दी। परिजनों ने मजिस्ट्रेट समक्ष आरोप लगाया कि जेल में पुलिस ने अंकित व केशव को मार कर लटकाया है।
जानकारी के अनुसार वीरवार देर शाम पुलिस ने अंकित व केशव के शव को जेल से कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया था। शुक्रवार सुबह मजिस्ट्रेट विरेन कादयान व हुडा चौकी पुलिस अस्पताल पहुंची। मृतक अंकित का शव लेने के लिए नारनौंद में रहने वाले उसका मामा, फूफा व नानी सामान्य अस्पताल पहुंची। वहीं, केशव का शव लेने के लिए उसका पिता व अन्य रिश्तेदार आए। पोस्टमार्टम करने के लिए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी के नेतृत्व में बोर्ड गठित किया गया। बोर्ड में दो और डॉक्टर शामिल थे।
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करवाई गई। इसी बीच अंकित की नानी ने मजिस्ट्रेट विरेन कादयान से कहा कि अंकित व केशव को एक षड़यंत्र के तहत जेल में मारकर फंदे पर लटकाया गया है। उसने कहा कि सुरक्षा कर्मियों के रहते जेल में लोग फांसी लगाने लगे तो आम आदमी कहां सुरक्षित है। मजिस्ट्रेट ने परिजनों को समझाते हुए कहा कि उन्होंने खुद जाकर जांच की है अंकित व केशव ने खुद ही फांसी लगाकर सुसाइड किया है।
एमएस डॉक्टर सुभाषिणी ने पोस्टमार्टम के बाद बताया कि शवों का विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम की सटीक जानकारी विसरा जांच के बाद पता चलेगी वैसे पोस्टमार्टम के दौरान यही पता चला है कि मौत फांसी लगाने से ही हुई है। दोपहर को जेल प्रशासन की तरफ से अंकित की मां राजाबाला को पुत्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दो घंटे की छुट्टी दी गई। पुलिस प्रोटेक्शन के बीच मां अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शिव पुरी पहुंची। शाम को शवों का संस्कार किया गया।