रोगी की मौत का डर दिखा परिजनों से जबरन रुपये वसूलने के मामले में अदालत ने सिरसा के डॉक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बलवंत सिंह ने जनहित से जुड़े इस मामले में कहा है कि डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है ऐसे में रोगी को मौत का डर दिखाकर रुपये वसूलना अमानवीय कृत्य है। अदालत ने शहर थाना पुलिस को पूनिया अस्पताल के डॉक्टर अजय पूनिया के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
जानकारी के अनुसार खैरेकां निवासी पवन कुमार की मां की फरवरी 2016 में अचानक तबियत खराब हो गई। परिवार वाले उसे सुरखाब चौक स्थित पूनिया अस्पताल में ले गए। याचिकाकर्ता पवन कुमार ने अदालत को बताया कि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर अजय पूनिया ने उन्हें बताया कि उसकी माता की हालत नाजुक है। अगर तुरंत स्टड नहीं डाला गया तो उनकी मौत हो जाएगी।
परिजनों ने डॉक्टर को स्टड डालने को कहा। ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने एक लाख 85 हजार रुपये का बिल पवन कुमार को थमा दिया। पवन कुमार ने स्टड की कीमत पता कि तो कंपनी वालों ने कीमत 25 हजार रुपये बताई। पवन कुमार ने डॉक्टर से बिल कम करने को कहा। आरोप है कि डॉक्टर अजय पूनिया, डॉक्टर बलविंद्र सिंह व डॉक्टर नीरज पूनिया ने परिजनों से कहा रुपये तो देने होंगे। अभी भी महिला की हालत नाजुक है। डॉक्टरों ने परिजनों पर दबाव बनाने के लिए महिला की ऑक्सीजन व ग्लूकोज की पाइप हटा ली। डर की वजह से पवन कुमार ने एक लाख 85 हजार रुपये डॉक्टर अजय पूनिया को दिए।
पवन कुमार ने डॉक्टर पूनिया के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की। याचिका पर फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश बलवंत सिंह ने डॉक्टर अजय पूनिया सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ शहर थाना पुलिस को मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया।
हो सकती है दस साल की कैद
सीनियर एडवोकेट योगेश गर्ग का कहना है कि एक धारा मौत का भय दिखाकर जबरन वसूली करने पर लगाई गई है। इसमें डॉक्टर अजय पूनिया का दोष सिद्ध होने पर उन्हें दस साल कैद व जुर्माने की सजा हो सकती है। इसके अलावा अन्य भी गैर जमानती धाराएं हैं। यह रोगी से धोखाधड़ी करने पर लगाई गई हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक महिला को स्टड लगाने की जरूरत नहीं थी। उसे जलन के कारण सीने में दर्द हुआ था लेकिन डॉक्टर ने रुपये कमाने के चक्कर में बिना वजह स्टड लगाया। स्टड की असल कीमत 25 हजार रुपये है और डॉक्टर ने रोगी के परिजनों से ठगे एक लाख 85 हजार।