गांव पन्नीवाला रूलदू स्थित गुरुद्वारे में पेंट करते समय करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई जबकि दो युवकों की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचार के लिए दोनों को सिविल अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सिरसा रेफर कर दिया गया।
शनिवार को गुरुद्वारे में पंडाल (हॉल) की खिड़की पर रंग का कार्य चल रहा था। करीब सोलह फुट ऊंची लोहे की घोड़ी पर चढ़कर गांव पन्नीवाला रूलदू निवासी पेंटर रमनकांत पेंट कर रहा था। घोड़ी का बैलेंस बनाए रखने के लिए जगदीश (24) तथा अनिल कुमार (17) उसे पकड़े हुए थे। इसी दौरान घोड़ी जमीन में धंस गई। बैलेंस बिगड़ते ही लोहे की घोड़ी 11 केवी लाइन से जा लगी। करंट लगते ही पेंट कर रहा रमनकांत एक साइड में गिर गया।
अनिल ने भी घोड़ी छोड़ दी। लेकिन जगदीश उसके बीचों-बीच फंस गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सिरसा रेफर कर दिया गया। डॉ. कीर्ति ने बताया कि अनिल करीब 30 से 40 तथा रमनकांत करीब 20 फीसदी तक झुलसा हुआ है। मृतक जगदीश के बेटे तथा दो बेटियां हैं। जबकि रमनकांत के एक बेटा एक बेटी है। अनिल विवाहित है। पुलिस ने इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया।
गांव पन्नीवाला रूलदू में हुई घटना के बारे में पता चला है। इसमें बिजली निगम की कोई लापरवाही नहीं है। गुरुद्वारे में पेंट का कार्य चल रहा है। घोड़ी 11 केवी लाइन पर गिरी थी। जिसकी वजह से युवकों को करंट लगा।
-मोहन लाल, एसडीई बिजली निगम, डबवाली
मृतक जगदीश के भाई जसप्रीत के बयान पर दफा 174 सीआरपीसी के तहत इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। डबवाली के सरकारी अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया गया है।
-तारा चंद, एएसआई,सदर थाना, डबवाली