ड्यूटी में लापरवाही और विद्युत निगम के एसडीई से दुर्व्यवहार के आरोप में जेई वजीर चंद को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों की इस कार्रवाई के बाद जेई यूनियन उनके समर्थन में उतर आई है। जेई यूनियन ने हनुमान मंदिर में एक आवश्यक बैठक बुलाई। जिसमें जेई को निर्दोष बताते हुए निगम अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में जेई को बहाल नहीं किया गया तो वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। वहीं आरोपी जेई ने सस्पेंड की कार्रवाई को गलत करार दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने किसी से बुरा बर्ताव नहीं किया है।
जेई वजीर चंद का कहना है कि 22 मई को हिसार रोड पर आंधी के कारण कुछ लाइन तीन से चार घंटे बाधित रही थी। उन्होंने इस बारे में फोरमैन व अन्य कर्मचारियों को अवगत करवा दिया था, लेकिन उन्होंने उनके आदेशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उन्होंनेे कर्मचारियों के खिलाफ निगम के एसडीई को एक शिकायत दी, पर उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दो जून को पांच फीडरों लघु सचिवालय, हिसार रोड प्रथम व सेकेंड, कीर्तिनगर व हुडा में करीब छह घंटे लाइट बाधित रही, जिस पर उन्होंने चार फीडरों की लाइट चालू करवा दी और एक फीडर कर्मचारियों ने जान बूझकर शुरू नहीं किया। उल्टा कर्मचारियों ने उनके खिलाफ ही शिकायत उच्चाधिकारियों को भेज दी। आज उन्हें सस्पेंड से संबंधित जानकारी मिली, जिसका उन्हें बेहद दुख है।
वहीं जेई को सस्पेंड किए जाने पर जेई यूनियन ने एक मीटिंग की और एक सप्ताह में जेई को बहाल न करने पर निगम को वर्क सस्पेंड रखने की बात कही। वहीं एसई आर के वर्मा ने सस्पेंड के आदेशों की पुष्टि करते हुए बताया कि जेई द्वारा ड्यूटी में लापरवाही के साथ-साथ निगम के एसडीई भजन सिंह से बुरा बर्ताव की शिकायत मिली थी, जिस पर उन्होंने शिकायत हिसार उच्चाधिकारियों को भेज दी। हिसार से उनके पास शिकायत वापस आ गई और उन्हें कार्रवाई के लिए आदेश दिए। बुधवार को जेई वजीर चंद को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।