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थेहड़वासियों ने 3 बार किया पुलिसकर्मियों पर पथराव, 20 पुलिसकर्मी घायल

Wed, 25 May 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, सिरसा
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thed - फोटो : Bureau
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13 जून तक थेहड़ खाली कराने के कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने पिछले दो दिनों से कड़ा रुख अख्तियार किया हुआ है। वहीं थेहड़वासी भी अपना आशियाना छोड़ने के लिए कतई तैयार नहीं है। प्रशासन ने बुधवार को भी थेहड़ खाली कराने को पहल की तो थेहड़ के लोग खुलकर सामने आ गए। थेहड़ के लोगों ने जाम लगा दिया, तीन अलग-अलग जगहों पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। कुछ देर में थेहड़ के लोग पुलिस प्रशासन आमने-सामने आ गए। पुलिस ने भी लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पथराव कर रही महिलाओं की महिला पुलिसकर्मियों ने अच्छी खबर ली। पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पडे़। हालांकि पुलिस की सूझबूझ के कारण बढ़ रहा संघर्ष टल गया। इस पथराव में पथराव में चार एएसआई सहित 20 पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हुए तो अन्य लोगों के कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। रानियां पर सभी दुकानें बंद रही। सड़कों पर पत्थर ही पत्थर दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने सैकड़ों अज्ञात लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में तीन डीएसपी के नेतृत्व में पुलिसबल ने थेहड़ मोहल्ला पर फ्लैग मार्च किया।
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पिछले एक सप्ताह से थेहड़वासियों और पुलिस प्रशासन के बीच घमासान चल रहा है। प्रशासन कोर्ट के आदेश का हवाला देकर थेहड़ खाली करने के लिए दबाव बना रहा है तो थेहड़वासियों ने ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया। उधर मामला अदालती आदेश का होने पर राजनीतिक दल भी थेहड़वासियों की मदद के लिए खुलकर नहीं आ रहे हैं। बुधवार को लोग रानियां चुंगी के पास मारूति मंदिर के सामने एकत्रित हुए। वे जाम लगाने के लिए इरादे से आए थे। सूचना मिलते ही थाना शह प्रभारी सुभाषचंद बिश्रोई, यातायात प्रभारी अनिल सोढ़ी मौके पर पहुंचे और कानून हाथ में न लेने की हिदायत दी।

बांदरों वाली पुलिस के पास लगाया जाम
बाद में प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए संत रविदास चौक पर पहुंचे और जाम लगाने के प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बांदरों वाली पुलिया के पास चौराहे पर 11 बजे जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने रानियां, केलनिया बाईपास, खाजाखेड़ा रोड पर अवरोध लगाकर रास्ते जाम कर दिए। जिससे चारों ओर वाहनों की कतार लग गई। महिलाएं ईंटों के ऊपर बैठी थी और हाथों में डंडे आदि लिए हुईं थी। युवा सबसे ज्यादा गुस्से में दिखाई दिए।
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एसडीएम ने कहा, कोर्ट के आदेश के आगे हम मजबूर
सूचना मिलते ही डीएसपी मुख्यालय विजय कक्कड़, तहसीलदार ओपी बिश्रोई मौके पर आए। कुछ देर बाद एसडीएम परमजीत सिंह चहल मौके पर आए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बताया कि वे कोर्ट के आदेश के आगे मजबूर हैं और सरकार वैसे ही इस मामले में केंद्रीय मंत्री से बात कर रही है। कुछ न कुछ समाधान जरूर निकलेगा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि चाहे तोप के गोलो से मरवा दो चाहे परमाणु बंब गिरवा दो पर वे थेहड़ से नहीं जाएंगे और नारेबाजी करते हुए फिर से सड़कों पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों की वाहन चालकों के साथ खूब कहाुसनी हुई। उधर कैलनियां रोड पर प्रदर्शनकारी एक किसान के खेत की चारों लगी तारबंदी को ही उखाड़कर ले गए और सड़क पर डालकर जाम कर दिया। किसान ने जब विरोध किया तो प्रदर्शनकारी ने सिर पर ईंट से वार करना चाहा पर पुलिस कमियों ने रोक लिया। प्रदर्शनकारियों की मीडिया कर्मियों से भी कई बार कहासुनी हुई।
 
 पांच मिनट के खोल जाम, फिर लगा दिया
 एसडीएम और डीएसपी ने  कुछ प्रदर्शनकारियों को समझाकर यातायात खुलवाया लेकिन युवा प्रदर्शनकारियों ने पांच मिनट बाद फिर से जाम लगा दिया। इस बार महिलाओं ने गाली गलौच शुरू कर दी। इस बीच एक युवक जिसने मुंह पर कपड़ा लपेटा हुआ तो अधिकारियों की ओर बढ़ा तो पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। कुछ युवकों ने पीछे पत्थर फेंकने शुरू कर दिए तो पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को चारों ओर से घेर लिया। उधर भागते हुए युवकों ने पुलिस पर पथराव किया तो पुलिस ने लाठियां भांजकर दूर तक खदेड़ा। कुछ खेतों की ओर भाग गए तो कुछ गलियों में जाकर छिप गए पर पुलिस ने उनकी पीछा कर खदेड़ दिया दूसरी ओर शहर की ओर महिलाओं ने प्रदर्शन किया तो साथ ही युवकों ने हाथों में पत्थर उठा लिए। ऐसे में पुलिस ने लाठियां फटकार खदेड़ा तो महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों ने रोका।

संत रविदास चौक पर बस की आड़ में पुलिसकर्मियों ने बचाई जान
संत रविदास चौक के पास फिर पथराव शुरू हुआ तो पुलिस कर्मियों ने इधर उधर भाग कर जान बचाई। पथराव में कई लोगों के वाहनों के शीशे टूट गए।  प्रदर्शनकारी पथराव करते हुए सब्जी मंडी चौकी की ओर बढ़े जब पुलिस ने रोकना चाहा तो पुलिस पर फिर पथराव शुरू दिया। पुलिस वालों ने अपनी बस की आड़ लेकर जान बचाई। इस बीच अधिकारियों का निर्देश मिलते ही जवान ने दो आंसू गैस के गोले प्रदर्शनकारियों की ओर दागे पर हवा का रुख पुलिसवालों की ओर था ऐेसे में इसका नुकसान भी उन्हें ही उठाना पड़ा। इस बार पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रदर्शनकारियों को दूर तक खदेड़ा और हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस सख्ती करने से बच रही थी तो स्थित और न बिगडे़। डीएसपी विजय कक्कड़ और एसडीएम की सूझबूझ से खूनी संघर्ष टल गया। इस पथराव में चार एएसआई सहित 20 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं। बाद में अन्य थानों और पुलिस लाइन से फोर्स मौके पर बुला लिया गया।

पचास नामजद समेत सैकड़ों पर केस
पुलिस की ओर पचास प्रदर्शनकारियों को नामजद करते हुए सैकड़ों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में डीएसपी मुख्यालय विजय कक्कड़, डीएसपी रविंद्र कुमार और डीएसपी ऐलनाबाद कुलदीप बेनीवाल के नेतृत्व में फोर्स ने थेहड़ के चारों और फ्लैग मार्च निकाला। हर स्थिति से निपटने के लिए जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात किया हुआ था।
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