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जमानत पर चल रहा आरोपी फिर करने लगा भ्रूण लिंग जांच, डेढ़ साल बाद हत्थे चढ़ा

Fri, 22 Jul 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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भ्रूण लिंग जांच - फोटो : bureau
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीआईडी तथा सीआईए डबवाली के सहयोग से मोगा के एक अस्पताल में चल रहे भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। करीब डेढ़ साल पहले गांव मांगेआना (सिरसा) में मोबाइल अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाते हुए पकड़ा गया मोगा निवासी जितेंद्र शर्मा गिरोह का सरगना निकला। गिरोह के तार कालांवाली तथा रामां मंडी तक फैले हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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    सीएमओ सिरसा सूरजभान कंबोज को सूचना मिली थी कालांवाली एरिया में ऐसा गिरोह कार्य कर रहा है, जो महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच लिए पंजाब के कई स्थानों पर ले जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने सीआईए तथा सीआईडी कर्मचारियों पर आधारित एक टीम तैयार की। एक लेडीज कांस्टेबल की जांच का बहाना करके गिरोह की सदस्य कालांवाली की दर्शना देवी से मिलवाया। सौदा 15 हजार रुपये  में तय हुआ। उपरोक्त गिरोह में दर्शना का भाई नरेंद्र भी शामिल था। दोनों भाई-बहन कांस्टेबल की लिंग जांच करवाने के लिए उसे मोगा स्थित मोगा मेडिसिटी मल्टी एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ले गए। जैसे ही मोगा निवासी जितेंद्र शर्मा ने लिंग जांच करके रिपोर्ट दी। पहले से तैयार खड़े उप सिविल सर्जन सिरसा वीरेश भूषण ने अपनी टीम के साथ उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। धंधे में शामिल अस्पताल के कर्मचारी विक्रम निवासी मोगा तथा जांच करवाने आई रामां मंडी निवासी रजनी को भी काबू कर लिया। टीम ने आरोपियों से तीस हजार रुपये की नकदी बरामद की। 15 हजार रुपये  की नकदी के नंबर स्वास्थ्य विभाग के पास नोट थे। अन्य 15 हजार रुपये जांचे करवाने आई महिला के थे। उपरोक्त टीम ने आरोपियों को पंजाब स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया। पंजाब किस तरह ढिलाई बरत रहा है, इसका सबूत सीएमओ मोगा ने दे दिया। अस्पताल में क्या कार्रवाई हो रही है, सीएमओ को मालूम नहीं था। उनका कहना था कि टीम ने अभी रिपोर्ट नहीं दी है।


एक साल बाद पकड़ा गया साथी
जितेंद्र शर्मा को पुलिस ने 31 दिसंबर 2014 में डबवाली क्षेत्र में मोबाइल अल्ट्रासाऊंड सेंटर चलाते हुए पकड़ा था। उस दौरान घुकांवाली निवासी जगदीश गोदारा भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। जमानत पर आने के बाद गोदारा पुन: भ्रूण लिंग जांच करवाने में व्यस्त हो गया। 19 जुलाई 2015 को मोगा में लुधियाना बवासीर अस्पताल में डॉ. सुनीत मित्तल के साथ पकड़ा गया। करीब एक साल बाद 21 जुलाई 2016 को मोगा से ही उसके साथी जितेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।
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पंद्रह दिनों में दूसरी सफलता
मोगा, फिर 22 जून 2016 को मुक्तसर, सात जुलाई 2016 को बरनाला, अब 21 जुलाई 2016 को फिर मोगा में रेड करके लिंग जांच केंद्र का भंड़ाफोड़ करने वाली प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग, सीआईए तथा सीआईडी की टीम ने साबित कर दिया है कि पंजाब में गर्भ में लिंग जांच करवाना आम बात है। जिसका प्रभाव हरियाणा पर पड़ रहा है।


हमने मोगा में लिंग जांच होने का भंड़ाफोड़ किया है। आगामी कार्रवाई पंजाब स्वास्थ्य विभाग तथा वहां की पुलिस करेगी। दलाल कालांवाली निवासी दर्शना है। जो कालांवाली में ही एक निजी अस्पताल चलाती है। उसका भाई भी पकड़ा गया है। हरियाणा में पकड़े जाने के बाद जितेंद्र शर्मा को दो माह बाद जमानत मिल गई थी।
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-वीरेश भूषण, उप सिविल सर्जन, सिरसा


मुझे नहीं पता अस्पताल में क्या कार्रवाई चल रही है। मेरी टीम तथा हरियाणा की टीम मौका पर है। टीम ने मुझे अभी रिपोर्ट नहीं दी है।
-महिंद्र जस्सल, सीएमओ, मोगा
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