उत्तर प्रदेश मेरठ से पशु खरीदने के लिए डबवाली आए दो डेयरी मालिक बस अड्डा पर बेहोश मिले। मौके पर पहुंची पुलिस ने डबवाली जन सहारा सेवा संस्था की एंबुलेंस के जरिए दोनों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस को अंदेशा है कि जहरखुरानी गिरोह ने इन्हें अपना शिकार बनाया है।
रविवार सुबह एक बस चालक ने पुलिस को सूचना दी कि बस अड्डा में दो लोग नशे की हालत में पड़े हैं। पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों के मुंह से पीले रंग के पदार्थ बाहर आ रहा था। एक युवक अर्धबेहोशी की हालत में था। उसने पुलिस कर्मचारी से पूछा उनके पास साढ़े चार-पांच लाख रुपये थे, वे कहां गए। उसने खुद को मेरठ का बताते हुए एक फोन नंबर भी बताया। कुछ समय बाद ही वह बेहोश हो गया। पुलिस ने एंबुलेंस की सहायता से दोनों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। पुलिस ने उपरोक्त फोन नंबर पर संपर्क साधा। उनके परिजनों को उपरोक्त मामले की जानकारी दी। दोनों की पहचान मेरठ के गांव कंकरखेड़ा निवासी इलियास (46), गांव मलियाना निवासी शुभम (22) के रूप में हुई। मेरठ के गांव कंकरखेड़ा निवासी जावेद उर्फ भूरा ने बताया कि उसके पिता इलियास दूध डेयरी चलाते हैं। जबकि शुभम भी डेयरी चलाता है। दोनों करीब 9-10 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। आखिरी बार देर रात करीब 12 बजे उसकी बात हुई थी। उनका कहना था कि वे बस में बैठ गए हैं। दोनों ने डबवाली में भरने वाली पशु मंडी से भैंस खरीदनी थी। उसके पिता के पास करीब साढ़े तीन लाख रुपये की नकदी थी। शुभम के पास भी नकदी होगी। उसके पिता कह रहे थे कि मार्ग में भी उन्होंने नकदी पकड़नी है।
जेब से मिली कुछ नकदी और टिकट
पुलिस ने पहचान करने के लिए दोनों की तलाशी ली। इलियास की जेब से 500 रुपये तथा शुभम की जेब से 20 रुपये की नकदी मिली। उनके पास यात्रा की टिकट मिली। जो कि मेरठ से कश्मीरी गेट की थी, जबकि दिल्ली से डबवाली की टिकट नहीं मिली।
पहली बार लिए सैंपल
दोनों व्यापारियों के मुंह से पीले रंग का पदार्थ निकल रहा था। माना जा रहा है कि कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दिया गया है। पुलिस ने चिकित्सक की सहायता से पदार्थ के नमूने लिए हैं। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
पांच माह बाद डबवाली आ रहे थे
जावेद ने बताया कि पिछले दिनों काम काफी मंदा हो गया था। इसकी वजह से उसके पिता ने डबवाली से दूरी बना ली थी। पहले वे अपनी गाड़ी करके डबवाली जाते थे। वहां से पशु लेकर आते थे। जोकि महंगी पड़ती थी। करीब पांच माह बाद वे पहली बार बस के जरिए डबवाली आ रहे थे। वहीं से उन्होंने गाड़ी में भैंस लेकर आनी थी।
पुलिस की योजना हुई फेल
पशु व्यापारियों को जहरखुरानी गिरोह से बचाने के लिए पुलिस ने योजना बनाई थी। योजना के अनुसार प्रत्येक रविवार को पुलिस का मुलाजिम दिल्ली से डबवाली के लिए आने वाली बस में सवार हो जाता था। लेकिन यह योजना भी फेल हो गई।
पशु व्यापारी अस्पताल में बेहोश पड़े हैं। उनके होश में आने के बाद पता चल पाएगा कि उनके साथ क्या हुआ है। उनके मुंह से निकल रहे पदार्थ के नमूनें लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। ब्यान के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-सुखदेव सिंह, प्रभारी, शहर थाना, डबवाली