रोडवेज के परिचालक से रविवार तड़के हुई लूटपाट की वारदात को पुलिस ने 48 घंटों में सुलझा लिया है। लूट की इस वारदात को शहर की एमसी कॉलोनी में रहने वाले दो युवकों ने अंजाम दिया था। युवकों की पहचान एमसी कॉलोनी निवासी अजय और हर्ष के रूप में हुई है। सीआईए की पूछताछ में पता चला है कि अजय और हर्ष नशे के आदी है। हेरोइन (चिट्टा) जैसे महंगे नशे की पूर्ति के लिए दोनों को रुपयों की जरूरत थी और इसलिए दोनों ने मिलकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।
अजय सातवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है और हर्ष दसवीं पास है। हेरोइन की लत ने अजय और हर्ष को पढ़ाई बीच में ही छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
तीन हजार रुपये प्रति ग्राम हेरोइन खरीदकर पीना उनके लिए मुश्किल हो गया था और नशा न करने पर उनकी हालत खराब हो जाती। इस चक्कर में अपराध की दुनियां में दाखिल हो गए। दोनों का कहना है कि शनिवार को उनके पास हेरोइन खरीदने लिए रुपये नहीं थे, एक दिन की उधार में हेरोइन की पुड़िया खरीदी। रात को नशा करने के बाद वे दोनों रुपयों के जुगाड़ में जुट गए। इसी दौरान लूट की योजना बनाई। परिचालक कुलदीप उनका मेन टारगेट नहीं था, अगर कुलदीप की जगह उस टाइम नेशनल हाईवे पर पैदल कोई ओर शख्स भी होता तो वो भी लूटपाट का शिकार हो जाता। दोनों आरोपियों का कहना है कि रविवार तड़के उन्हेें हाथ में बैग लिए हुए एक आदमी दिखा और दोनों ने उस पर हमला करके बैग छीन लिया। वारदात को अंजाम देने बाद दोनों ने महंगे कपड़े और हेरोइन (चिट्टा) खरीदी। सीआईए इंचार्ज राजाराम का कहना है कि हेरोइन के नशे की पूर्ति करने के लिए अजय और हर्ष ने वारदात को अंजाम दिया था। परिचालक कुलदीप का बैग और टिकटें बरामद कर ली गई हैं। आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है, उक्त दोनों ने कई वारदातों को अंजाम दिया हुआ है। बुधवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
ये है पूरा मामला
फतेहाबाद जिले के गांव दहमान निवासी कुलदीप वर्ष 2012 को रोडवेज विभाग में बतौर परिचालक भर्ती हुआ था। काफी समय से उसकी तैनाती सिरसा डिपो में है। कुलदीप ने हिसार रोड स्थित बैंक कॉलोनी में किराए पर कमरा ले रखा है। उसकी ड्यूटी टिकट बुकिंग काउंटर पर है और हररोज तड़के उठकर वह ड्यूटी पर जाता है। रविवार तड़के करीब तीन बजे वह अपना बैग उठाकर ड्यूटी पर जाने के लिए रवाना हुआ। बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर रास्ते में दो युवक कुलदीप के पास आए।
उक्त युवकों ने लाल रंग की टी-शर्ट और फौजी रंग की पैंट डाली हुई थी।
युवकों ने कुलदीप से चंडीगढ़ जाने बस का पता पूछा। इसके बाद युवकों ने उससे पूछा कि बैग में क्या है, कुलदीप ने जवाब दिया कि रोडवेज की टिकटें हैं। युवकों ने एकदम से उसका बैग पकड़ा और छीनने लगे। कुलदीप ने शोर मचाते हुए बैग बचाने का प्रयास किया तो उक्त युवकों ने पत्थर से उस पर हमला कर दिया। मौत के डर से कुलदीप ने बैग छोड़ दिया और हमलावर युवक बैग छिनकर भाग गए। जिस गली में बदमाश घुसे वहां जागरण हो रहा था। शोर की आवाज सुनकर जागरण में भजन कीर्तन कर रहे लोग बदमाशों के पीछे लग लिए। काफी दूर तक पीछा करने के बावजूद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे। जिस बैग को लेकर बदमाश फरार हुए उसमें 18 हजार रुपये की नगदी, 64 हजार रुपये की रोडवेज की टिकटें, एटीएम, पैन कार्ड, आधार कार्ड व परिचालक लाइसेंस था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।