जिले के रानियां में वार्ड नंबर 15 निवासी जोगासिंह के 24 वर्षीय बेटे हरदीप सिंह दयोल की न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में हत्या कर दी गई। घटना 25 दिसंबर की है। हत्या उस वक्त हुई जब हरदीप पार्क में सैर करने गया था, तभी एक युवती ने छुरे से उसके सीने में वार कर दिए। युवती को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार युवती नशेड़ी है, हालांकि पुलिस ने ये खुलासा नहीं किया कि युवती ने हत्या क्यों की।
हरदीप के भाई बैंक अधिकारी रणजीत सिंह ने बताया कि हरदीप पंजाब के मलोट से बीटेक करने के बाद स्टडी वीजा पर दो साल पहले ऑकलैंड गया था।
वहां उसने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी की। दो माह पहले ही वर्क परमिट मिलने पर वह वहीं पर जॉब करने लगा। 25 दिसंबर की रात को चचेरे भाई जसवंत सिंह और हरदीप के साथियों ने फोन पर हरदीप की हत्या की खबर दी।
जसवंत ने उन्हें बताया कि 25 दिसंबर की सुबह हरदीप सिंह पार्क में घूमने गया था। इसी दौरान एक युवती उसके पास आई और बैग में से छुरा निकालकर उसके सीने पर वार किए, जो उसके दिल के पास लगे। बाद में हरदीप की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। जसवंत सिंह की शिकायत पर युवती के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस के सामने युवती ने अपनी जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई का किसी भी युवती से कोई प्रेम संबंध नहीं था, यदि होता तो वह उन्हें बताता जरूर।
रणजीत सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम होने के बाद भी अभी मोर्चरी में रखा गया है। जसवंत सिंह और उसके साथियों ने वहां पर भारतीय दूतावास से शव को दिलवाकर भारत ले जाने में मदद की गुहार की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर जल्द शव को सरकारी खर्चे पर भारत लाने की मांग की है लेकिन अभी ट्वीट का जवाब नहीं मिला है। मृतक के दादा बलदेव सिंह ने कहा है कि वह 29 दिसंबर को दिल्ली पहुंचकर विदेश मंत्री से मुलाकात करने का प्रयास करें।
हरदीप के पिता जोगा सिंह खेती करते हैं। उनके हरदीप और रणजीत दो बेटे और एक बेटी है। हरदीप के चाचा गुरदीप सिंह, चाचा मनप्रीत सिंह, चचेरे भाई गुरमुख सिंह ने मांग की है कि भारत सरकार अपने खर्चे पर हरदीप के शव को भारत लेकर आए, ताकि उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।
रानियां क्षेत्र के 15 युवक हैं न्यूजीलैंड में
रणजीत सिंह ने बताया कि रानियां क्षेत्र के करीब 15 युवक न्यूजीलैंड में हैं। कोई स्टडी कर रहा है तो कोई वर्क परमिट पर कार्य कर रहा है। इन सभी के परिजनों की चिंता भी इस घटना के बाद बढ़ गई है। वहां भारतीयों को टारगेट कर हमले किए जा रहे हैं लेकिन भारतीयों को सुरक्षा नहीं मिल रही है।