प्रवासी मजदूर को लूट, रेलगाड़ी से नीचे फेंककर मार देने वाले गिरोह के चार लोगों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। दिल दहला देने वाले इस मामले में लुटेरों ने बठिंडा से हिसार जा रहे प्रवासी मजदूरों से पांच लाख रुपये लूट लिये थे। जिस मजदूर के पास रुपया नहीं मिला उसे रेलगाड़ी से नीचे फेंक दिया।
अभियोजन के अनुसार दो दिसंबर 2013 को रात बठिंडा से हिसार जाने वाली रेलगाड़ी मेें यूपी और बिहार के 42 मजदूर सवार हुए। इन लोगों को सुबह हिसार से दिल्ली और दिल्ली से अपने घर जाना था। ये रेलगाड़ी सिरसा पहुंची और सवा 12 बजे हिसार के लिए रवाना हो गई। सुचान कोटली स्टेशन के पहले कई लुटेरे रेलगाड़ी में सवार हो चुके थे।
इन लुटेरों ने प्रवासी मजदूरों पर हमला बोल दिया। चाकू और पिस्तौल दिखाकर लुटेरों ने मजदूरों से उनके सारे रुपये और अन्य सारा सामान लूट लिया। जिन मजदूरों ने रुपये देने से मना कर दिया उनसे लुटेरों ने मारपीट शुरू कर दी। इन्हीं मजदूरों में शामिल था बिहार के जिला खगड़िया निवासी छोटेलाल शर्मा। छोटे लाल ने विरोध किया तो लुटेरों ने उसे रेलगाड़ी से नीचे फेंक दिया।
तीन दिसंबर को वह बेहोशी की हालत मेें रेलवे ट्रेक पर मिला। उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जीआरपी ने मामले की जांच करके पांच आरोपियों को काबू कर लिया। जिनकी पहचान चिम्मन लाल निवासी बनवाली फतेहाबाद, संदीप निवासी डिंग मंडी, बाबू निवासी अरनियांवाली व सुभाष निवासी थेहड़ मोहल्ला सिरसा के रूप में हुई। जीआरपी ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। बुधवार को एडीजे जगभूषण गुप्ता की अदालत ने लूट और हत्या के दोषी चिम्मन लाल, संदीप, बाबू लाल और सुभाष को उम्र कैद की सजा सुना दी।