गांव चौटाला में बुधवार रात इनेलो नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला परिवार के बेहद करीबी प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में प्लांट दफ्तर में मौजूद दो लोगों की मौत हो गई। हमले के दौरान दफ्तर में मौजूद तीसरे व्यक्ति ने टेबल के नीचे लेटकर अपनी जान बचाई।
ये हमला इनेलो नेता प्रदीप गोदारा को टारगेट बनाकर किया गया था, लेकिन गनीमत रही कि वे हमले से चंद मिनट पहले किन्नू प्लांट में लगी मशीन को देखने के लिए दफ्तर के पिछले हिस्से में चले गए थे। सबसे बड़ी बात यह है कि हमले से चार मिनट पहले तक इसी दफ्तर में नेता प्रतिपक्ष एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला प्रदीप गोदारा के साथ मौजूद थे।
हमले मेें मरने वाले दोनों लोग गांव चौटाला के रहने वाले हैं। वीरवार सुबह शवों का पोस्टमार्टम सिरसा के सिविल अस्पताल में किया गया। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गांव चौटाला निवासी इनेलो नेता प्रदीप गोदारा का चौटाला गांव में पीके फ्रूट कंपनी के नाम से किन्नू का बड़ा प्लांट है।
यहां से पूरे देश में किन्नू की सप्लाई की जाती है। बुधवार रात को प्लांट के ऑफिस में प्रदीप गोदारा, नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के छोटे बेटे अर्जुन चौटाला, चौटाला निवासी जमींदार सतबीर पूनिया, अमित सहारण और रणबीर सिंह बैठे थे। सतबीर पूनिया और अमित सहारण के किन्नू के बाग हैं।
आठ बजकर 40 मिनट पर प्रदीप गोदारा प्लांट में लगी मशीन पर चल रहे काम को देखने चले गए और एक मिनट बाद अर्जुन चौटाला ऑफिस से बाहर निकल अपनी गाड़ी में सवार होकर चले गए। आठ बजकर 45 मिनट पर एक कार ऑफिस के बाहर आकर रुकी। चार लोगों ने ऑफिस का गेट खोलने के साथ ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
तीसरे व्यक्ति ने टेबल के नीचे छिपकर बचाई जान
ऑफिस में मौजूद सतबीर पूनिया और अमित सहारण कुर्सी से हिल भी नहीं सके। सतबीर पूनिया के चाचा रणबीर सिंह की जान इसलिए बच गई, क्योंकि टेबल के पीछे थे और एकदम से नीचे लेट गया। बदमाशों ने पांच मिनट मेें इस वारदात को अंजाम दिया और लाशें बिछाकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सतेंद्र गुप्ता मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी जुटाई।
चौटाला में दहशत और मातम का माहौल
हमले को अंजाम देने वाले बदमाशों के पास ऑटोमैटिक वेपन थे। घटनास्थल से 40 से ज्यादा खोल पुलिस को पड़े मिले। बदमाशों के पास नौ एमएम की पिस्टल थीं। सर्द रात में धड़ाधड़ गोलियां की आवाज से प्रदेश का सबसे बड़ा गांव चौटाला दहल उठा। ग्रामीण घरों से बाहर आ गए।
जहां से गोलियां की आवाज आई, ग्रामीण और अपने लाइसेंस हथियार लेकर मौके पर पहुंचे तो किन्नू प्लांट के ऑफिस में गांव के सतबीर पूनिया और अमित सहारण के खून से सने शव दिखे। इसके बाद चौटाला गांव में मातम पसर गया। ग्रामीण वारदात से सहमे हुए हैं और गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
हमले के तुरंत बाद प्लांट मालिक प्रदीप गोदारा ने पुलिस को घटना की सूचना दी, लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने में 40 मिनट लगे। नाकाबंदी भी काफी देर बाद की गई, जिससे हमले को अंजाम देने वाले आसानी से जिले की सीमा से बाहर निकलने में कामयाब हो गए। प्रदीप गोदारा का कहना है कि चौटाला पुलिस चौकी का फोन खराब पड़ा हुआ मिला तो डबवाली सिटी एसएचओ सुखदेव को फोन करके वारदात की जानकारी दी।
पुलिस ने तनिक भी गंभीरता का परिचय नहीं दिया। आरोप है कि 40 मिनट बाद पुलिस प्लांट में पहुंची। प्रदीप गोदारा का कहना है कि पंजाब की नाभा जेल से फरार बदमाशों के चौटाला क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना पुलिस को काफी दिनों से है, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। संदेह है कि हमले के पीछे इन बदमाशों का हाथ हो सकता है।
मुझे टारगेट करना चाहते थे
हमला मेरे प्लांट ऑफिस में हुआ है, लिहाजा जिन लोगों ने इसे अंजाम दिया, उनका टारगेट मैं था। हमले से पांच मिनट पहले मैं मशीन पर काम देखने चला गया और चार मिनट पहले अर्जुन चौटाला ऑफिस बाहर निकले थे। पांच मिनट बीते ही थे कि पटाखे चलने जैसी आवाजें आने लगीं।
प्लांट में काम करने वाले मजदूर भागते हुए आए और बोले गोलियां चल रही हैं। इसके बाद भागकर ऑफिस पहुंचे तो सतबीर और अमित का खून से सना शव पड़ा मिला। मेरे ऊपर राजनीतिक रंजिश के चलते कुछ साल पहले हत्या का केस दर्ज हुआ था, जिसमें अदालत ने मुझे न्याय देते हुए बरी कर दिया।
प्रदीप गोदारा, किन्नू प्लांट मालिक
यह बोले आईओ
हमले में बाल-बाल बचे प्रत्यक्षदर्शी रणबीर सिंह ने बयान दिया कि दो लोग ऑफिस में घुसे और फायरिंग करने लगे। गोली लगने से सतबीर और अमित की मौत हो गई। बयानों के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू हो चुकी है। शवों का डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है।
बलबीर सिंह, जांच अधिकारी
जल्द सुलझाएंगे मामला : एसपी
चौटाला मर्डर मामले को जल्द सुलझाने के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है। सीआईए सिरसा, सीआईए डबवाली, सदर थाना डबवाली, चौटाला चौकी और स्पेशल स्टाफ की टीमें घटना को अंजाम देने वालों की तलाश में जुटी हुई हैं। कुछ अहम जानकारियां भी मिली हैं। जल्द मामले को सुलझाया जाएगा।
सतेंद्र गुप्ता, एसपी सिरसा