फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa: दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, न्यायाधीश बोले- रहम की गुंजाइश नहीं

Wed, 07 Sep 2022 05:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह हितेश चतुर्वेदी, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोषी ने न्यायाधीश के सामने सजा में रहम की गुहार लगाई, जिसपर न्यायाधीश ने कहा कि अपराध बहुत संज्ञेय है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के सिरसा में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने वाले आरोपी युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। 

विज्ञापन


अदालत के फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी जसविंदर सिंह ने न्यायाधीश डॉ. प्रवीण कुमार से सजा में रहम की गुहार लगाई, उसने कहा कि वह बहुत गरीब परिवार से है। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि तुमने बहुत संज्ञेय अपराध किया है, इसमें किसी प्रकार के रहम की कोई गुंजाइश नहीं। इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. प्रवीण कुमार ने जसविंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। 
 

यह भी पढ़ें : Sonali Phogat: खाप भी आई सामने, CBI जांच के लिए 11 को होगी सर्वजातीय सर्व खाप महापंचायत

विज्ञापन

घर में अकेली थी पीड़िता
महिला अधिवक्ता समक्ष महिला थाना पुलिस को दिए बयान में 8 वर्षीय पीड़ित बच्ची ने बताया था कि वह रानियां के सरकारी स्कूल में कक्षा दूसरी में पढ़ती है। 30 जून 2019 को उसकी मां खेत में गई हुई थी और पिता काम करने गए थे। वह घर पर अकेली थी, इसी दौरान दोपहर एक बजे पड़ोसी जसविंदर सिंह जबरन घर में आ गया और उसे 3 रुपये दिए।

यह भी पढ़ें : Sonali Phogat: दो दिन बढ़ा सुधीर और सुखविंद्र का रिमांड, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज की जांच बना आधार
विज्ञापन


इसके बाद जसविंदर सिंह उसके साथ जबरदस्ती करने लग गया तो इतने में ही उसका भाई घर आ गया। जिसे देख जसविंदर सिंह भाग खड़ा हुआ। इसके बाद सिरसा महिला थाना पुलिस ने पीड़ित बच्ची का नागरिक अस्पताल में मेडिकल करवाया और मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके कलम बंद बयान दर्ज करवाए गए। कलमबंद बयानों के आधार पर एफआईआर में 376 की जगह धारा 376 एबी जोड़ी गई।
 
इन धाराओं में हुई सजा

  • धारा 450    5 साल कैद व 10 हजार जुर्माना
  • धारा 376एबी    उम्र कैद व 30 हजार जुर्माना
  • धारा 506     दो साल कैद व 10 हजार जुर्माना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें