हरियाणा के सिरसा में बंदूक से गोली मारकर मामा की हत्या करने के आरोपी भांजे को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार शाम दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी। न्यायालय ने दोषी पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 5 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में ओढां थाना पुलिस ने मार्च 2018 में एफआईआर दर्ज की थी।
मामले के अनुसार रतिया निवासी प्रकाश अपने भांजे रामदिया के साथ मिलकर गांव धुक्कांवाली में 300 एकड़ जमीन की रखवाली करता था। इसकी एवज में दोनों को खेत मालिकों द्वारा हजारों रुपये दिए जाते थे। एक मार्च 2018 को दोनों के बीच रुपयों के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। दो मार्च होली के दिन रामदिया ने मामा की बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी।
इसके बाद उसने मामा प्रकाश के शव को खेत में ही दबा दिया। प्रकाश के पुत्र बुधराम ने शाम को रामदिया के मोबाइल पर फोन करके पिता से बात करवाने को कहा, लेकिन रामदिया ने बहाना बनाया कि प्रकाश गांव में गया हुआ है। अगले दिन बुधराम अपने रिश्तेदारों के साथ धुक्कांवाली पहुंचा।
जहां उसे पता चला कि रामदिया ने प्रकाश की हत्या करके शव कहीं दबा दिया है। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जगदीश जोशी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज करके आरोपी रामदिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चौकीदार बंदूक से प्रकाश की हत्या कर दी और शव खेत में दबा दिया, इसके बाद पुलिस ने खेत में से प्रकाश का शव बरामद किया। सोमवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने आरोपी रामदिया को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी।