मां के फर्जी साइन करवाकर अपने छोटे भाई और बहनों की 28 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में आरोपी हरियाणा माटी कला बोर्ड के चेयरमैन एवं सिरसा से भाजपा नेता गुरदेव सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह फंस चुके हैं। जिला अदालत ने गुरदेव सिंह के छोटे भाई करीवाला निवासी कुलदीप की याचिका पर फैसला सुनाते हुए सिरसा पुलिस को जमकर फटकार लगाई और गुरदेव सिंह राही के खिलाफ धोखाधड़ी करने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने और जान से मारने की धमकी देने के का केस रि ओपन करने का आदेश दिया है।
न्यायाधीश सुर्मित तुर्किया की अदालत ने शहर थाना पुलिस की इस मामले में कार्य प्रणाली पर उन्हें लताड़ लगाते हुए कहा इस मामले में यह साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस ने प्रभाव व प्रलोभन में आकर आरोपी के खिलाफ दर्ज एफआईआर कैंसिल की। एफआईआर कैंसिल करने का कोई ठोस आधार पुलिस कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। अदालत ने आदेश में कहा है कि शहर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदिग्ध है जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकता।
ऐसे में पुलिस विभाग को आदेश दिए जाते है कि आरोपी राही पर दर्ज केस रि ओपन किया जाए और डीएसपी रेंक का अधिकारी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाए। अदालत के सख्त आदेश के बाद अब गुरदेव सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में या गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र है। पीपी एवं सीनियर एडवोकेट कुलदीप सिंह मेहरा का कहना है कि करोड़ों की जमीन हड़पने के इस मामले में हैंड रायटिंग विशेषज्ञ की रिपोर्ट से लेकर कई अन्य ठोस सबूत अदालत में पेश किए जा चुके हैं। आरोपी के पास अब एक ही विकल्प है कि उसे हर हाल में जमानत के लिए अदालत से जमानत लेनी पड़ेगी नहीं तो पुलिस उसे गिरफ्तार करके अदालत में पेश करेगी।
क्या है मामला
गौरतलब हो कि गांव करीवाला निवासी कुलदीप सिंह ने वर्ष 2013 में अदालत में अपने बड़े भाई हरियाणा माटी कला बोर्ड के चेयरमैन एवं सिरसा से भाजपा नेता गुरदेव सिंह के खिलाफ केस दायर किया था। कुलदीप सिंह ने अदालत को बताया कि उसके पिता सुच्चा सिंह के नाम चतरगढ़पट्टी व खैरपुर में जमीनें थी। बड़ा भाई गुरदेव सिंह राही ने पिता की मौत के बाद जमीन हड़पने के लिए साजिश रची। राही ने मां दलीप कौर के कागजों में फर्जी साइन करवाकर छोटे भाई व बहनों के हिस्से वाली सारी जमीन हड़प ली जिसकी कीमत 28 करोड़ रुपये है।