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ढाई सौ साल पुराने गांव में चोरी की पहली वारदात

Fri, 05 Aug 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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चाेरी - फोटो : Bureau
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गांव मटदादू में पूर्व पंचायत सदस्य के घर की दीवार फांदकर चोर अलमारी में रखे बीस तोला सोने के जेवरात चुरा ले गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बुधवार रात को पूर्व पंचायत सदस्य गुरलाभ सिंह गांव में रह रहे एक रिश्तेदार के मौत होने पर वहां गया हुआ था। घर पर उनकी पत्नी गुरपाल कौर, बड़ा बेटा हरजीत सिंह, छोटा बेटा हरप्रीत, पुत्रवधू किरणदीप कौर सहित दस माह का पौता थे। सभी घर के आंगन में सोये हुए थे। वीरवार सुबह पांच बजे किरणदीप ने अपना बेडरूम संभाला तो भीतर से गेट बंद मिला।

संदेह होने पर उसने अपने पति हरप्रीत को जगाया। घर की दीवार के साथ ज्वैलरी की खाली किट देखकर पता चला कि चोरी हो गई है। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सदर थाना के कार्यकारी प्रभारी विक्रम, एएसआई राजा राम मौके पर पहुंचे। सिरसा से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया। पुलिस जांच के बाद परिवार ने अपना सामान संभाला।
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किरणदीप कौर ने बताया कि उसने अलमारी की चाबी एक किट में संभालकर डाइनिंग टेबल की दराज में रखी हुई थी। चोरों ने बिना तोड़फोड़ किए दराज से चाबी निकाली। अलमारी खोलकर उसमें रखे बीस तोले सोने के जेवरात चुरा लिए। संदेह जताया जा रहा है कि चोर घर की दीवार फांदकर भीतर घुसे।

ढाई सौ पुराने गांव में चोरी की पहली बड़ी वारदात
डबवाली। करीब ढाई सौ साल पहले बसे गांव में पहली बार चोरी की बड़ी वारदात से प्रत्येक ग्रामीण स्तब्ध है। चार गांवों को जाते लिंक रोड पर बसे इस गांव में पुलिस गश्त कभी नहीं पहुंची।
गांव मटदादू की भौगोलिक स्थिति अन्य गांवों से काफी भिन्न है। गांव से डेढ़-दो किलोमीटर दूरी पर गांव झुट्टीखेड़ा है, दूसरा लिंक रोड गांव मलिकपुरा तथा तीसरा लिंक रोड गांव खुईयांमलकाना से मिलाता है। चौथा लिंक रोड गांव को ऐलनाबाद रोड से मिलाता है।
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इसके बावजूद इस गांव में पुलिस गश्त ना के बराबर है। गोरीवाला पुलिस चौकी के सबसे निकट होने के बावजूद यह गांव चौकी के तहत नहीं आता। करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित गांव डबवाली में बना सदर थाना इसे संभालता है। गांव के पूर्व सरपंच बलकरण सिंह तथा पूर्व सदस्य गुरलाभ सिंह ने बताया कि गांव बसे को करीब ढाई सौ साल हो गए हैं। इसके बावजूद आज तक इतनी बड़ी चोरी की वारदात नहीं हुई। हालांकि गांव में मामूली चोरियां होती रही हैं।

गुत्थी को सुलझाने के लिए डॉग स्कवॉयड, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट तथा साईबर सैल की मदद ली जा रही है। उम्मीद है कि गुत्थी सुलझा ली जाएगी।
-सतपाल यादव, डीएसपी, डबवाली
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