पिछले वर्ष एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले को ऑनर किलिंग मानते हुए अदालत ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने का निर्देश दिया है। ऐलनाबाद पुलिस ने युवक की मौत को आत्महत्या मानकर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई की थी। अब अदालत के निर्देश का पालन करते हुए पुलिस ने तलवाड़ा खुर्द निवासी लेखराम, आत्माराम, सूरजपाल, विक्रम व ज्योति पुत्री लेखराम के खिलाफ साजिश रचने और हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
तलवाड़ा खुर्द निवासी गोबिंद राम के छोटे भाई 19 वर्षीय शंकर लाल का शव 31 मई 2016 को आरोपियों की ढाणी के पास जमीन पर पड़ा मिला था। गोबिंद्र राम को संदेह था कि लेखराम, आत्माराम, सूरजपाल, विक्रम व ज्योति ने उसके भाई को जबरन जहर पिलाकर मार दिया और शव रास्ते में फेंक दिया। उसने पुलिस वालों को यह बात बताई, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों पर विश्वास नहीं किया और शंकर की मौत को आत्महत्या माना। छोटे भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद गोबिंद चैन से नहीं बैठा। उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया और इस्तगासा दायर किया।
जाने से माने की दी थी धमकी
सुनवाई के दौरान गोबिंद राम ने न्यायाधीश अनुदीप कौर की अदालत को बताया कि उसके छोटे भाई शंकर का लेखराम की बेटी ज्योति से अफेयर था। उक्त लोगों ने कई दिन पहले शंकर को जान से मारने की धमकी दी थी। 30 मई की रात को ज्योति ने शंकर को फोन करके रात को अपने घर बुला लिया। गोबिंद ने अदालत को बताया कि रात को घर से बाहर जाने के बाद उसका भाई शंकर सारी रात घर नहीं लौटा। इसके बाद अगले दिन सुबह सरपंच नरेश बिखरानी ने फोन करके बताया कि शंकर की लाश लेखराम की ढाणी में पड़ी है। ऐलनाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। गोबिंद ने न्यायाधीश अनुदीप कौर को बताया कि लेखराम, आत्माराम, सूरजपाल, विक्रम व ज्योति ने एक साजिश रचकर उसके भाई को घर बुलाकर जबरन जहर पिला दिया।
अदालत ने दिए जांच के आदेश
अदालत ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ साजिश व हत्या करने का मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। न्यायालय का मानना है कि कहीं न कहीं ये मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, ऐसे में पुलिस युवती, युवती के पिता सहित सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सूरजभान का कहना है कि अदातल ने आरोपी लेखराम, आत्माराम, सूरजपाल, विक्रम व ज्योति के खिलाफ साजिश रचने और हत्या करने का केस दर्ज करने का केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है। पहले ये मामला सुसाइड का लग रहा था। अब हत्याकांड की दृष्टि से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।