पुलिस कार्रवाई के नाम पर भरती है केवल कागजों का पेट
ग्रामीण सुनील कुमार, सुखदेव सिंह, जितेंद्र सिंह, हरबंस सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से गांव में सर्च अभियान भी चलाया जाता है। हालांकि पुलिस प्रशासन केवल कार्रवाई के नाम पर कागजों का पेट भरने के लिए नशे के धंधे में लिप्त छोटे मोटे आरोपियों को गिरफ्तार कर अपने कर्तव्यों का इतिश्री कर लेती है।
डबवाली क्षेत्र में पहले भी हो चुकी है ओवरडोज से मौत
- 18 मई को गांव सकता खेड़ा के पुराने पंचायतघर में गौरी पुत्र मक्खन सिंह 32 वर्षीय की इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई थी।
- 22 मई को करनी ब्रांच पर गांव ढाबा के एक युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। युवक का शव मोटरसाइकिल के ऊपर पड़ा हुआ मिला था, जिसके हाथ पर चिट्टे की सिरिंज लगी हुई थी।
- गांव गंगा, देसू जोधा और मसीता में भी चिट्टे नशे के सेवन से दो युवकों की मौतें हो चुकी है।
क्यों पुलिस बचती है अपनी जिम्मेदारियों से
कई ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए नशे के कारण हुई मौतों के मामले में शिकायत आने के बाद ही कार्रवाई करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौतों के आंकड़े में उलझने की बजाय पुलिस को अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। साथ ही लोगों को जागरूक कर नशे के आदी लोगों के परिवार और जिंदगी बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
नशे के कारण युवक की मौत होने मामले की कोई भी शिकायत नहीं आई है। पीड़ित परिवार की ओर से मामले की शिकायत दी जाती है, तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रामचंद्र, उपनिरीक्षक, चौटाला चौकी, डबवाली