शहर के बंसल नर्सिंग होम की चिकित्सक दंपति को अदालत ने भ्रूण जांच मामले में दोषी करार दिया है। जनवरी 2014 में डिप्टी सीएमओ डॉ. वीरेश भूषण की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने डॉ. एमआर बंसल और उनकी पत्नी के खिलाफ एमटीपी और पीएनडीटती यानी लिंग जांच करने का मामला दर्ज किया था।
शनिवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश अनुराधा ने चिकित्सक दंपति को दोषी करार देकर सजा का फैसला सोमवार तक सुरक्षित रख लिया।
घटनाक्रम के अनुसार जनवरी 2014 में स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली कि वाल्मीकि चौक स्थित बंसल नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या और लिंग जांच जैसा जघन्य कार्य किया जा रहा है। इसके बाद डिप्टी सीएमओ वीरेश भूषण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापामारी की।
इस दौरान टीम को अस्पताल में काफी अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद अस्पताल संचालक डॉ. एमआर बंसल व उसकी पत्नी के खिलाफ एमटीपी आर पीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई। डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने को लेकर आईएमए में रोष फैल गया था और निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने रोष मार्च निकालने के बाद हड़ताल शुरू कर दी।
जिलेभर में निजी अस्पताल के डॉक्टर हड़ताल पर जाने से मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ी। आईएमए ने उस समय आरोपी डॉक्टर एमआर बंसल को अपनी तरफ से क्लीनचिट दे दी थी। शनिवार को इस अहम मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश अनुराधा ने आरोपी डॉ. एमआर बंसल और उनकी पत्नी को भ्रूण जांच करने का दोषी करार देते हुए सजा का फैसला 23 नवंबर तक सुरक्षित रख लिया। सोमवार को अदालत दोषी चिकित्सकों की सजा का एलान करेगी।