हाथरस तहसील क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में नकल कराने के लिए दीवारों पर चढ़ते युवक।
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सीडीएलयू की चल रही परीक्षाओं के तहत शनिवार को राजकीय नेशनल कॉलेज में परीक्षा दे रहा एक छात्र उत्तर पुस्तिका लेकर फरार हो गया। कुछ देर बाद छात्र उत्तर पुस्तिका लेकर वापस परीक्षा केंद्र में पहुंच गया। छात्र पर यूएमसी बना दी गई है। इस प्रकार की हो रही घटनाओं से सीडीएलयू की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। नकल रहित परीक्षाओं का आयोजन का दावा करने वाले सीडीएलयू के अधिकारियों की आज सच्चाई सामने आ गई है।
जानकारी के अनुसार सीडीएलयू के विभिन्न कोर्सों की परीक्षाएं जारी हैं। शनिवार को राजकीय नेशनल कॉलेज में परीक्षा के दौरान सुपरवाइजर ने मोबाइल द्वारा नकल करने वाले एक छात्र को पकड़ लिया, लेकिन छात्र उन्हें धक्का मारकर उत्तर पुस्तिका लेकर भाग गया।
जब छात्र बाहर अपने दोस्तों के पास गया तो उन्होंने वापस परीक्षा केंद्र में जाने का सुझाव दिया जिसके बाद छात्र परीक्षा केंद्र में पहुंच गया और उत्तर पुस्तिका लौटाते हुए सुपरवाइजर से माफी मांगी। केंद्र अधीक्षक ने उसके खिलाफ यूएमसी का केस बनाया है। घटनाक्रम के अनुसार एक कमरे में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहा अश्विनी कुमार मोबाइल से एक प्रश्न का उत्तर नकल मारकर लिख रहा था।
उक्त छात्र परीक्षा में आने वाले एक संभावित प्रश्न की किताब में से अपने मोबाइल पर फोटो खींचकर मोबाइल अपने साथ छुपाकर लाया था और अपनी सीट पर बैठ गया था। इसी दौरान सुपरवाइजर हरजिंद्र सिंह ढिल्लो उस कमरे में आए और शक होने पर जब उन्होंने अश्विनी की तलाशी ली तो उससे मोबाइल बरामद हुआ।
इससे पहले कि प्रो. हरजिंद्र ढिल्लो उसे पकड़ते और उत्तर पुस्तिका व मोबाइल कब्जे में लेते, वह उत्तर पुस्तिका व मोबाइल सहित वहां से फरार हो गया। इस पर प्रो. ढिल्लो केंद्र अधीक्षक रंजना ग्रोवर के पास पहुंचे और रोल नंबर रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें उसके पिता का नंबर लिखा हुआ था। प्रो. ढिल्लो ने तुरंत उसके पिता के नंबर पर फोन किया और घटना की जानकारी दी।
इसके बाद पिता ने अश्विनी को फोन कर पुलिस केस होने का हवाला देते हुए वापस परीक्षा केंद्र जाकर उत्तर पुस्तिका जमा करवाने की बात कही। इसी प्रकार उसके दोस्तों ने भी परीक्षा केंद्र में जाकर माफी मांगने की राय दी। इसके बाद अश्विनी वापस परीक्षा केंद्र पहुंचा और अपने किए की माफी मांगी।