अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
गांव कालुआना के पूर्व सरपंच जगदेव सिंह सहारण की रविवार सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। सोमवार को पुलिस कार्रवाई होने पर शव को एम्स ले जाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को मंगलवार को सिरसा जा सकता है।
उधर, डबवाली क्षेत्र के अनेक सरपंचों ने कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस मामले की सीबीआई से जांच करवाए जाने की मांग की। गांव कालुआना में पुलिस की मौजूदगी में फिलहाल शांति है। पुलिस बराबर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह और क्षेत्र के करीब 30 से अधिक गांवों के सरपंच बाद दोपहर उपायुक्त से मिले और इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग की।
पूरे मामले की हो सीबीआई जांच : डॉ. सिंह
पूरे मामले को देखते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. केवी सिंह के नेतृत्व में 30 से अधिक गांवों के सरपंचों ने इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की है। उपायुक्त से मिलने पहुंचे डॉ. सिंह और सरपंचों ने बताया कि जगदेव सहारण का कार्यकाल पूरे डबवाली क्षेत्र में काफी सराहनीय था। कुछ लोगों ने साजिश के तहत उन पर झूठे आरोप लगाए, जिसके कारण जगदेव सहारण की छवि खराब हुई। उन्होंने बताया कि जगदेव सहारण गाड़ी से खुद नहीं गिरे, बल्कि एक साजिश के तहत पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर कोई नशीला पदार्थ देकर उन्हें गाड़ी में बैठाया गया, जिससे बेसुध होकर वे गाड़ी से गिर गए और उपचार के दौरान मौत हो गई। उन्होंने साथ ही मांग की है कि इस जो आरोप जगदेव सहारण पर लगाए गए हैं, उनकी भी जांच की जाए और दोषी पुलिस कर्मचारियों पर भी तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ये था मामला
सिरसा के उपायुक्त रहे युद्धवीर सिंह ख्यालिया के समय में गांव कालुआना के जगदेव सहारण सरपंच चुने गए थे। उनके कार्यकाल में कुछ लोगों ने विकास कार्यों के लिए आई ग्रांट में गबन के आरोप लगाए। कई शिकायतें सीएम तक भी पहुंची। कांग्रेस सरकार के दौरान कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद बीजेपी सरकार सत्ता में आई। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद विरोधी पक्ष ने एक बार फिर मामले को उठाया और सीएम विंडो पर शिकायत डाली। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने प्रशासन को पूर्व सरपंच के कार्यकाल के समय का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके बाद जब पूर्व सरपंच जगदेव सहारण रिकॉर्ड एक गाड़ी में लेकर फोटो स्टेट करवाने जा रहे थे तो अचानक गाड़ी में आग लग गई, जिससे पूरा रिकॉर्ड आग की भेंट चढ़ गया। इसके बाद ऐलनाबाद एसडीएम ने मामले की जांच में पूर्व सरपंच को दोषी पाया, जिसके बाद जनवरी 2017 में पूर्व सरपंच के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस की ओर से विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। तभी से पूर्व सरपंच फरार था। शुक्रवार को किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचित किया था कि जगदेव सहारण सिटी थाने के पास घूम रहा है, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर डबवाली जा रही थी, लेकिन बड़ागुढ़ा क्षेत्र में ही पूर्व सरपंच चलती जिप्सी से गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका पहले सिरसा के दो निजी अस्पतालों में उपचार चला, जहां से हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया, जहां रविवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।