डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट की ओर से दोषी करार दिए जाने के बाद सिरसा में हुई हिंसा मामले में आरोपी उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने अदालत में आरोप तय करने शुरू कर दिए हैं।
हिंसा का तांडव करने वाले हजारों लोगों में से पुलिस ने अभी तक 65 लोगों को गिरफ्तार करके अदालत समक्ष पेश कर चुकी है, जबकि अन्य उपद्रवियों की पहचान करके उनकी गिरफ्तारी का सिलसिला अभी जारी है। शुक्रवार को सिरसा पुलिस ने हिंसा में शामिल 42 अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में आरोप तय करते हुए चालान पेश कर दिए। 25 अगस्त को सिरसा में हिंसा के अलग-अलग मामलों में ये लोग शामिल थे। इनके खिलाफ संपत्तियों और वाहनों को आग के हवाले करने, सुरक्षा बलों पर हमला, हिंसा के लिए उकसाने, सरकारी आदेशों की अवहेलना और देशद्रोह का आरोप है। सीजेएम कोर्ट में पुलिस की ओर से चालान पेश करने के साथ ही अदालत में इन 42 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर मुकर्रर की है। सिरसा पुलिस ने हिंसा मामले में हजारों अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू की थी। जैसे-जैसे उपद्रवियों की पहचान होती गई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके अदालत में पेश करती रही।
सुरक्षा बलों की फायरिंग में 6 लोगों की हुई थी मौत
25 अगस्त दोपहर को अदालत ने साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दे दिया। फैसले के तुरंत बाद डेरा अनुयायी भड़क गए और सिरसा में हिंसा शुरू हो गई। डेरा सच्चा सौदा से हजारों अनुयायी हथियार और पेट्रोल बम लेकर बाहर निकले। सबसे पहले गांव बेगू के बिजली घर को आग लगाई गई। इसके बाद हजारों उपद्रवी सिरसा शहर की ओर बढ़ने लगे। बेगू रोड पर स्थित वीटा मिल्क प्लांट में उपद्रवी घुस गए और सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया। प्लांट में जमकर तोड़फोड़ करने के बाद उपद्रवियों ने प्लांट को आग लगा दी। सेना ने बेगू रोड पर पेपर मिल पर मोर्चा संभाला हुआ था। हजारों की संख्या में उपद्रवी सुरक्षा बलों पर हमला करते हुए शहर में घुसने लगे तो सिरसा को बचाने के लिए सुरक्षा बलों ने उपद्रवियों पर फायरिंग करनी पड़ी। अर्द्ध सैनिक बलों और सेना के जवानों ने उपद्रवियों का डटकर मुकाबला करते हुए उन्हें शहर में घुसने नहीं दिया। सुरक्षा बलों की फायरिंग में 6 उपद्रवियों की मौत हो गई। 26 अगस्त को सेना ने डेरा सच्चा सौदा सहित पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
19 दिन तक लगा रहा कर्फ्यू
प्रशासन की ओर से डेरा मुखी के खिलाफ फैसला आने की संभावना को देखते हुए 24 अगस्त को ही सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया था। 25 अगस्त की हिंसा के बाद सिरसा और डेरा सच्चा सौदा के आसपास क्षेत्र में 19 दिनों तक कर्फ्यू रहा। इस दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद और सिरसा में चप्पे-चप्पे पर सेना की तैनाती रही। पुलिस ने हिंसा मामले में कई केस दर्ज करके वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी। डेरा सच्चा सौदा की आईटी विंग का हेड विनीत कुमार को पुलिस ने सैकड़ों हार्ड डिस्क और सीडीओ के साथ काबू किया। इस मामले में यह पुलिस की सबसे बड़ी सफलता रही। इसके बाद तो पुलिस के लिए उपद्रवियों की पहचान करना आसान हो गया। अब तक अलग-अलग मामलों में पुलिस करीब 65 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सारे सबूत जुटाकर पेश किए जा रहे हैं चालान
हिंसा मामले में दर्ज अलग-अलग केसों में पुलिस आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार कर रही है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने ठोस सबूत जुटाए हैं। सारे सबूत एकत्रित करने के बाद पुलिस ने 42 आरोपियों का चालान अदालत में पेश कर दिया है। अन्य आरोपियों के चालान भी कुछ दिनों में पेश कर दिए जाएंगे।
-सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता, सिरसा।