अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
दहेज के लिए विवाहिता हत्या करने के मामले में अदालत ने पति सहित पांच लोगों को सात-सात कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में विवाहिता की हत्या करके शव को फ्रिजर में डाल दिया गया था। मामले के अनुसार गांव संत नगर निवासी बलजीत कौर की शादी गांव मसीता निवासी जगदीश के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले बलजीत कौर को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे।
30 अप्रैल 2016 को पति जगदीश, ननद संदीप कौर, हरदीप कौर, सास इंद्रजीत कौर व दादी सास सुखदेव कौर और देवर ने हत्या कर दी और शव को फ्रिजर में रख दिया। पड़ोस के लोगों ने बलजीत कौर के भाई जगपाल सिंह को फोन करके सूचना दी कि उन्हें बलजीत कौर की चीखने की आवाज सुनी है। इसके बाद जगपाल बहन के ससुराल पहुंचा। उसने जगदीश से अपनी बहन के बारे में पूछा तो ससुराल वालों ने कहा कि बलजीत कौर की मौत हो चुकी है। बहन का शव फ्रिजर में देख जगपाल हैरान रह गया। उसके गले से खून निकल रहा था। फ्रिजर के अंदर ही खून से सनी कैंची पड़ी मिली। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मृतक बलजीत कौर के भाई जगपाल सिंह का बयान दर्ज कर पति जगदीश, ननद संदीप कौर, हरदीप कौर, सास इंद्रजीत कौर व दादी सास सुखदेव कौर और देवर के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया। बुधवार को एडीजे प्रवीण कुमार की अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देकर उन्हें सात-सात साल कैद की सजा सुनाई। मामले का बुधवार को निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जरनैल सिंह ने राजू, रामपाल व भूपेंद्र को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सुना दी।