बडागुढ़ा। पुलिस ने मजदूरों की पासबुक बनवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप में बडागुढ़ा थाना में तैनात रहे एक पुलिस कर्मी सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला एक साल से ज्यादा पुराना है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव सुखचैन निवासी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 31 मार्च 2018 व एक अप्रैल 2018 को वाइस चेयरमैन बलकार सिंह ने गांव के गुरुद्वारा में मजदूरों की पासबुक बनाए जाने की मुनादी करवाई थी। मजदूर पासबुक बनवाने के लिए जब वाइस चेयरमैन के घर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि जो व्यक्ति मजदूरी का कार्य करता है या फिर जिसके पास एक या दो एकड़ भूमि है, उनकी सरकार की योजना के मुताबिक पासबुक बनाई जाएगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वाइस चेयरमैन बलकार सिंह, सुनील कुमार, देशराज व एक अन्य सहित चार लोगों ने मजदूरों से साढ़े 300 रुपये प्रति फार्म वसूले।
भूपेंद्र सिंह के मुताबिक उक्त लोगों ने फार्म भरने के नाम पर करीब 100 लोगों से करीब 40 हजार रुपये लिए। जब मजदूरों ने पासबुक की एवज में पैसे लिए जाने का विरोध किया तो उक्त लोगों ने कहा कि ये फीस सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। आरोप है कि उक्त लोगों ने मजदूरों को ये सब्जबाग दिखाया कि उन्हें कार्य दिया जाएगा। अगर कार्य न मिला तो बिना कार्य किए उनके खातों में 8 हजार रुपये तक डाले जाएंगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक उक्त लोगों ने लिए गए पैसों की जाली रसीद देकर पासबुक बनाकर देने का वायदा किया था। लेकिन न ही तो मजदूरों को कोई पासबुक दी गई और न ही उनके खातों में पैसे आए।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उसने इस धोखाधड़ी की सूचना बडागुढ़ा पुलिस को दी तो एएसआई कमल कुमार ने मौके पर पहुंचकर देशराज व सुनील को पूछताछ के लिए साथ ले लिया। जिन्हें पुलिस ने थाने में ले जाकर देर सांय छोड़ दिया। आरोप है कि इस पूरे मामले में एएसआई कमल कुमार आरोपियों के साथ शामिल था। इस मामले में शिकायतकर्ता भूपेंद्र सिंह द्वारा एक वर्ष डेढ़ माह का संघर्ष करने उपरांत बडागुढ़ा पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वाइस चेयरमैन का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। जबकि बाकी तीन लोगों कालांवाली निवासी सुनील कुमार उर्फ विक्की, देशराज व एएसआई कमल कुमार के खिलाफ आरोप सही पाए गए हैं। उक्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
- सुशील कुमार, एएसआई (बडागुढ़ा)