अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
होमगार्ड विभाग के सिरसा कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सैकड़ों होमगार्ड जवानों के घरों में चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आ गई है। होमगार्ड जवानों का आरोप है कि अधिकारियों को रिश्वत न देने के कारण इन जवानों को शिफ्ट वाइज ड्यूटी पर नहीं रखा जा रहा। भ्रष्टाचार की मार झेल रहे होमगार्ड के इन जवानों ने नव वर्ष के पहले दिन सोमवार को विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई और अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने मामले की जांच अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष नागपाल को सौंपकर होमगार्ड के जवानों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
जानकारी के अनुसार सिरसा जिले में होमगार्ड के 706 जवान हैं। पुलिस विभाग अपनी जरूरत के हिसाब से जिला होमगार्ड कार्यालय से जवानों की मांग करता है। जिला पुलिस में 100 होमगार्ड जवानों की तैनाती है। इनकी ड्यूटियां विभिन्न पुलिस थानों में लगी हुई है। जिले में होमगार्ड जवानों की संख्या ज्यादा होने के चलते तीन-तीन महीने की शिफ्ट वाइज पुलिस विभाग को जवान दिए जाते हैं, लेकिन पिछले छह महीने से सिरसा में ऐसा नहीं हो रहा। आरोप है कि होमगार्ड कार्यालय के प्लाटून कमांडर की ओर से ड्यूटी ज्वाइनिंग करवाने के नाम पर दस हजार रुपये रिश्वत मांगी जाती है। जो जवान रिश्वत दे देता है उसे तीन महीने की शिफ्ट के बाद लगातार दूसरी शिफ्ट में रख लिया जाता है। जो रिश्वत नहीं देता उसका नंबर साल तक नहीं आता। इसकी के कारण सैकड़ों होमगार्ड जवान कर्जा लेकर अपना घर चलाने को मजबूर हो गए हैं। कई जवानों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो उन्हें सदा के लिए घर बैठने की धमकी मिली। नव वर्ष पर इन जवानों का सब्र का बांध टूट गया और सभी होमगार्ड जवान लघु सचिवालय में एकत्रित हो गए और प्रदर्शन किया।
उपायुक्त को सुनाई आपबीती
उपायुक्त प्रभजोत सिंह को ज्ञापन सौंपने गए होमगार्ड जवानों ने बताया कि वे होमगार्ड जवान के रूप में विभाग में पंजीकृत हैं, लेकिन नियमानुसार उन्हें नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं रखा जा रहा। कई जवानों को एक साल से तो कइयों को छह माह से ड्यूटी नहीं दी गई है, जिस कारण वे घर पर ही रहने को मजबूर हो चुके हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं। होमगार्ड विभाग सिरसा कार्यालय के अधिकारी ड्यूटी पर लेने की एवज में रिश्वत की मांग करते हैं। नियमित रूप से ड्यूटी न मिलने के कारण परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो चुका है। इस दौरान गृह रक्षी सतपाल, रणजीत, सुनील, मुकेश, जसवंत, राजकुमार, विजय, लखविंद्र, चंदन, नरेश व संजय आदि मौजूद रहे।
शिफ्ट अनुसार मिलता है एक समान रोजगार
होमगार्ड कार्यालय की ओर से शिफ्ट अनुसार पुलिस विभाग में जवान भेजने का नियम है। यानि एक बार तीन महीने ड्यूटी करने के बाद उस जवान का नंबर क्रम अनुसार ही दोबारा आएगा। शिफ्ट वाइज ड्यूटी लगाने के पीछे कारण यह है कि सभी जवानों को बारी-बारी से रोजगार मिल जाए। प्रत्येक जवान को होमगार्ड विभाग की ओर से हर माह 18 हजार मासिक वेतन दिया जाता है। तीन महीने ड्यूटी करके एक होमगार्ड का जवान 54 हजार रुपये कमा लेता है।
छुट्टी पर हैं सेंटर कमांडर
पहले सेंटर कमांडर राजेंद्र कुमार का तबादला हो गया है, उनकी जगह पर रमेश कुमार ने सेंटर कमांडर का कार्यभार संभालते हुए होमगार्ड जवानों की ड्यूटियां लगाई हैं। वे भी अवकाश पर चले गए हैं। संभवत: जरूरी कागजात के अभाव में कुछ होमगार्ड जवानों की शिफ्ट अनुसार ड्यूटी नहीं लगी हो।
-मनोज कुमार, कार्यवाहक प्रभारी होमगार्ड कार्यालय।
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रोजगार नहीं मिलने से सैकड़ों होमगार्ड जवानों के चूल्हे पड़े ठंडे
शिफ्ट वाइज नहीं लगाई जा रही ड्यूटियां, ड्यूटी लगाने की एवज में अधिकारी मांगतें हैं रिश्वत
गुस्साए जवानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, एडीसी को सौंपी मामले की जांच