एक-दूसरे के क्षेत्र में नहीं छोड़ेंगे गोवंश
ओढां। खुले में घूम रहे पशुओं को लेकर दो गांवों के बीच हुई तकरार मामले में पुलिस ने शनिवार को गांव पन्नीवाला मोटा व रोहिड़ांवाली की पंचायत व गोशाला कमेटी के सदस्यों को थाने में बुलाया। सूचना पाकर ओढां के ग्रामीण व गोशाला कमेटी भी मौकेे पर पहुंच गए। इस दौरान दोनों गांवों के लोगों ने पूर्व की तरह एक-दूसरे के क्षेत्र में पशु हांकने के आरोप लगाए। इसके बाद थाना प्रभारी काशीराम बैनीवाल ने ओढां व पन्नीवाला मोटा गोशाला कमेटी के पदाधिकारियों से कहा कि जिस क्षेत्र में गोवंश पाया जाता है उसी गांव के लोग उसे रखेंगे। काफी देर तक चले बातचीत के दौर दोनों पक्षों में सहमति बन गई। इसके बाद 32 गोवंश को पन्नीवाला मोटा व 6 गोवंश को रोहिड़ांवाली के हवाले कर दिया गया। सहमति के बाद पन्नीवाला मोटा, रोहिड़ांवाली व ओढां सहित तीनों गांवों की सीमाएं निर्धारित कर दी गई जिनमें एक-दूसरा गांव कोई भी गोवंश नहीं छोड़ेगा।
रोहिड़ांवाली के लोगों का आरोप था कि तीन दिन पूर्व जो गोवंश नहर के निकट छोड़ा गया था वो पन्नीवाला मोटा की गोशाला का था। वहीं पन्नीवाला मोटा के लोगों ने कहा कि ये गोवंश उनका नहीं है। उनकी गोशाला में पहले के जितना ही गोवंश मौजूद है। चाहे इसकेे लिए गोशाला का रिकॉर्ड देख सकते हैं। उन्होंने इसके लिए आनंदगढ़ व रोहिड़ांवाली क्षेत्र में रखे गए घुड़सवारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वे गोवंश के पीछे घोड़े दौड़ाकर एक-दूसरे क्षेत्र में छोड़ दिए जाते हैं। इस मुद्दे को लेकर लोगों में काफी देर तक आरोप प्रत्यारोप चलते रहे।
कोट्स
दोनों गांवों के बीच गोवंश छोड़ने को लेकर विवाद था। लोगों को समझा दिया गया है कि कोई भी एक-दूसरे की सीमा में गोवंश नहीं छोड़ेगा। गोवंश जिस जगह पाया जाता है वो उसी गांव का माना जाएगा, जहां जिस गांव का रकबा पड़ता हो। दोनों गांवों के लोगों को गो वंश सौंप दिया गया है।
काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी, ओढ़ा।