एक सुनार ने बैंक को गोल्ड लोन के बहाने ढाई करोड़ का चूना लगा दिया। लोन के बदले बैंक को नकली सोना देकर खुद 71 लाख रुपये ठग लिए। यही नहीं अपने रिश्तेदारों को भी नकली सोने के बल पर लोन दिलाया। बैंक अधिकारी की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार शहर के बेगू रोड निवासी पूनम चंद सोनी की ग्रेवाल बस्ती में भूमिका जेवरात की दुकान है। वहीं कॉर्पोरेशन बैंक सिरसा गोल्ड के बदले लोन की स्कीम चलाता है। आरोप है कि बैंक की स्कीम का जब सुनार को पता चला तो उसने बैंक से ठगी करने की साजिश रची। उसने चांदी के जेवरातों पर सोने की पॉलिश की परत चढ़ा दी। इस काम को ऐसे किया गया कि हर कोई धोखा खा जाए। पूनम सोनी बैंक अधिकारियों से मिला और उनसे लोन की प्रक्रिया पूछी। सारी कागजी कार्रवाई के बाद उसने 71 लाख रुपये का लोन मांगा। इसके बदले उसने करीब एक करोड़ के जेवरात बैंक में जमा करा दिए। बैंक अधिकारियों ने गोल्ड की जांच करके पूनम सोनी को 71 लाख रुपये का लोन जारी कर दिया।
जांच अधिकारी एएसआई पूनम चंद का कहना है कि आरोपी ने लोन की किस्त जमा नहीं करवाई तो बैंक अधिकारियों ने गोल्ड बेचकर रुपये वसूल करने की सोची। विशेषज्ञ ने गोल्ड की जांच की तो वह नकली निकला। बैंक के जरनल मैनेजर वेंकटेश ने इस धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने आरोपी पूनम चंद सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
71 लाख खुद हड़पे, जानकारों को भी दिलाया लोन
आरोप है कि सुनार पूनम चंद ने खुद ही नहीं अपने जानकार सुनार साथियों से मिलकर ये साजिश रची थी। उसने 13 लोगों को इसमेें शामिल किया। सुनार पूनम ने उक्त लोगों से लोन के लिए फॉर्म भरवाए। उक्त सभी ने मिलकर ढाई करोड़ रुपये का लोन लेने के लिए बैंक अधिकारी को फॉर्म भरकर दिए। बैंक अधिकारी ने सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के पश्चात गोल्ड गिरवी रखकर इन्हेें लोन पास कर दिया। 71 लाख रुपये पूनम सोनी के पास आया और बाकी रुपया अन्य लोगों को दे दिया गया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि सारा गोल्ड नकली निकलने के पश्चात जिन लोगों ने लोन लिया उनके खिलाफ पुलिस मेें शिकायत दी गई है।
मुझे रुपयों की जरूरत थी
पुलिस का कहना है कि आरोपी पूनम सोनी ने अपने रिश्तेदारों को चौकी में भेज कर अपना अपराध कबूल किया है। उसके रिश्तेदारों का कहना है कि पूनम को रुपयों की बेहद जरूरत थी। इसलिए उसने ये साजिश रची, उसने चांदी के जेवरात पर सोने का ऐसा कवर चढ़ाया कि एक बार देखने और जांचने पर बड़े से बड़ा विशेषज्ञ धोखा खा जाए। जोन मैनेजर वेंकटेश मूर्ति का कहना है कि उक्त लोगों की साजिश का खुलासा जांच के बाद हुआ है। बैंक के स्थानीय अधिकारी शुरुआत में गोल्ड जांचने में धोखा खा गए जिस कारण ये ठगी हुई। उक्त लोगों से पूरा रुपया वसूल किया जाएगा।
जल्द होगी गिरफ्तारी
ये पूरा गिरोह है जिसने साजिश रचकर बैंक को करोड़ों का चूना लगाया। मुख्य आरोपी के खिलाफ सारे सबूत मिल चुके हैं। आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाले हर आरोपी को गिरफ्त में लिया जाएगा।
पूनम चंद, जांच अधिकारी, एएसआई