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पूर्व पार्षद दंपति सहित पांच को सात-सात साल की कैद, सजा में नमी की गुहार को जज ने ठुकराया

Thu, 27 Oct 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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दुकान में घुसकर सरेआम हत्या का प्रयास करने वाले पूर्व नगर पार्षद दंपति समेत पांच दोषियों को सोमवार को अदालत ने सात-सात साल की कैद व पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला आने पर बचाव पक्ष के वकील ने न्यायाधीश से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई, जिसे जज ने ठुकरा दिया। पूर्व नगर पार्षद दंपति के मामले में क्या फैसला आएगा, इसे सुनने के लिए सुबह से ही अदालत परिसर में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। हर जुबां पर बस एक ही बारे में चर्चा थी, कि क्या होगा पूर्व नगर पार्षद दंपति का। दोपहर बाद सजा सुनाए जाने के बाद पीड़ित पक्ष ने खुशी जताई तो दोषियों के समर्थक गम में रहे। पूर्व नगर पार्षद दंपति भी फूंट फूटकर रोए। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी सिंह ने दोषियों को तोड़फोड़ करने केे मामले में एक साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना, मारपीट करने पर छह महीने व एक हजार रुपये जुर्माना व जान से मारने की धमकी देने पर एक साल कैद व 500 रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है। सारी सजा कातिलाना हमला करने पर दी गई सात-सात साल कैद के साथ ही जारी रहेगी। वार्ड 14 से तत्कालीन नगर पार्षद कमलेश सचदेवा उसके पूर्व पार्षद पति सुरेंद्र सचदेवा की सजा का फैसला सुनने के लिए सैकड़ों लोग सुबह से ही अदालत में बैठे रहे। दोपहर दो बजे पुलिस ने पूर्व पार्षद दंपति को अदालत में पेश किया। जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
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जज से नरमी बरतने का क्या पक्ष रखा बचाव पक्ष के वकील ने
सजा में नरमी बरतने के लिए बचाव पक्ष के वकील ने न्यायाधीश आरपी सिंह के गुहार लगा। बचाव पक्ष ने तर्क दिया है सचदेवा दंपति ने जन प्रतिनिधि के तौर पर लोगों की काफी सेवा की और इनका व्यवहार जनता से शालीन रहा है। एक भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं इसलिए अदालत सजा में नरमी की दृष्टि से देखे। अंतिम बहस सुनने के बाद अदालत ने फैसले का टाइम शाम चार बजे रखा। चार बजे पुलिस फिर से दोषियों को कटघरे में खड़ा कर दिया। न्यायाधीश ने सजा में तनिक भी नरमी नहीं बरती हो सजा के प्रावधान की अंतिम सजा के रूप में कातिलाना हमले के दोषी पूर्व पार्षद कमलेश सचदेवा, सुरेंद्र सचदेवा, पुत्र हैप्पी सचदेवा, संदीप उर्फ मिंटू व काली उर्फ जितेंद्र कुमार को सात-सात साल कैद की सजा सुना दी।


फैसला सुनते ही आंखों से छलक आए आंसू
अदालत का फैसला सुनने के लिए शहर के कई पूर्व पुरुष पार्षद व महिला पार्षद अदालत पहुंचे थे। अदालत की सजा सुनकर कमलेश सचदेवा रोने लगीं। पत्नी की आंखों में आंसू देखकर सुरेंद्र सचदेवा की आंखें नम हो गईं। बेटा हैप्पी भी रोने लगा। शहर के लोगों ने पूर्व महिला व पुरुष पार्षदों ने पूर्व पार्षद दंपति से मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किसी से मिलने नहीं दिया।
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2013 में सरेआम किया था जानलेवा हमला
जानकारी के अनुसार सिरसा की प्रेम गली निवासी सोनू की कीर्तिनगर में हेयर ड्रेसर की दुकान है। तीन अप्रैल 2013 को सोनू का चचेरा भाई सुभाष दुकान पर बैठा था। जिसका पूर्व पार्षद सुरेंद्र सचदेवा और सुभाष के साथ किसी बात को लेकर विवाद था। इसी दौरान कीर्तिनगर निवासी पूर्व पार्षद सुरेंद्र सचदेवा दुकान में घुसा और दातर से सुभाष पर हमला कर दिया। सुरेंद्र सचदेवा की पीछे-पीछे ही पत्नी एवं वार्ड नंबर 14 की तत्कालीन नगर पार्षद कमलेश सचदेवा अपने पुत्र हैप्पी सचदेवा के साथ दुकान में घुस आई। दोनों ने दुकान में तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। हमलावरों का साथ देने संदीप उर्फ मिंटू व काली उर्फ जितेंद्र भी आ गए। इन सभी लोगों ने सुभाष कुमार पर तेजधार हथियारों व लातों-घूंसों से हमला कर दिया। सुभाष लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़ा। भारी हंगामा होने पर सैकड़ों राहगीरों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल सुभाष को निजी अस्पताल में ले जाया गया। उसकी हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। शहर थाना पुलिस ने घटना के चश्मदीद सुभाष के चचेरे भाई सोनू के बयान दर्ज किए। उसके बयान पर हमलावर पूर्व पार्षद सुरेंद्र सचदेवा, पत्नी पूर्व पार्षद कमलेश सचदेवा, हैप्पी सचदेवा, संदीप उर्फ मिंटू व काली उर्फ जितेंद्र कुमार के खिलाफ कातिलाना हमला करने, तोड़फोड़  व जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया। हमले की वजह रंजिश पूर्व पार्षद सुरेंद्र सचदेवा का सुभाष के साथ चल रहा पुराना विवाद बताया गया।
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