रानियां के गांव जोधपुरिया में एक धार्मिक संस्थान पर ग्रामीणों ने गांव की एक लड़की को गायब करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने में तलब किया। दोनों पक्षों की सहमति के बाद अगले 15 दिनों तक धार्मिक संस्थान को बंद रखने का निर्णय हुआ।
गांव जोधपुरिया निवासी ग्रामीण ने ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके गांव में एक धार्मिक केंद्र में सिरसा से महिलाएं आती हैं । इस संस्था से गांव की कई लोग जुड़े हैं। उनकी पुत्री भी इस धार्मिक संस्थान में आती जाती थी। बीती शाम संस्था से बुलावे पर उनकी पुत्री इसी केंद्र में गई थी लेकिन घर नहीं लौटी। सुबह पूछताछ करने से पता चला कि उनकी बेटी को संस्थान की महिलाओं द्वारा सिरसा ले जाया गया है। इसके उपरांत उन्होंने सिरसा पहुंच कर छानबीन की, लेकिन वहां भी पूरी जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला महिला थाने पहुंचा तब धार्मिक संस्थान की महिलाओं ने लड़की को महिला थाने में पेश कर दिया। उसका आरोप है कि उनकी लड़की को नशे की गोलियां दी हुई थी। इस मामले की जानकारी मिलते ही गांव में धार्मिक केंद्र के बाहर ग्रामीण एकजुट होकर हंगामा करने लगे । इस दौरान इस संस्थान में आई महिलाओं को ग्रामीणों ने घेर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। जिसके बाद दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर समझाया गया। जिसके बाद पुलिस व ग्रामीणों ने संस्थान को अगले 15 दिन तक बंद करने के निर्देश दिए। इस मामले को लेकर भगत राम ने कहा कि उनकी लड़की को नशीली गोलियां देकर धर्म परिवर्तन करवाना चाहते थे। बीती बुधवार रात्रि को उन्हें बिना बताए उनकी लड़की को सिरसा ले गए तथा उसके पर्स से नशीली गोलियां बरामद हुई है। वहीं उक्त संस्थान की इंचार्ज ने बताया कि भक्त राम की लड़की संस्थान में आती जाती है। लड़की ने बताया कि उसके साथ परिजन मार पिटाई करते हैं जिसे लेकर वे सिरसा के महिला थाना में लेकर गई थी। अपहरण व गायब करने का मामला निराधार है।
कोट्स
जोधपुरिया के ग्रामीण ने शिकायत दर्ज करवाई है जिसके आधार पर दोनों पक्षों को बुलाकर संस्थान को 15 दिन तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। पूरी जांच-पड़ताल करके दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-साधूराम, थाना प्रभारी, रानियां।