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Sirsa News: शव दहन भट्ठी से अब हर अंतिम संस्कार पर कटने से बचेगा एक पेड़

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सिरसा। शिवपुरी में शव दहन भट्ठी की नींव रखते हुए समाजसेवी अमीर चावला व अन्य गणमान्य लोग। ग्रामी
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सिरसा। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य के साथ गांव बाजेकां के ग्रामीणों ने शिवपुरी में शव दहन भट्ठी को तरजीह दी है। इस दौरान एसएस बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अमीर चावला ने शनिवार को बाजेकां गांव की शिवपुरी में लोहे से बनने वाली शव दहन भट्ठी की नींव रखी। चावला ने भट्ठी के निर्माण पर खर्च होने वाली करीब चार लाख रुपये की राशि अपने निजी कोष से देने की घोषणा की।
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ग्रामीणों का मानना है कि भट्ठी से बड़े स्तर पर पेड़ काटने से बचेंगे। पर्यावरण दूषित होने से बचेगा, साथ ही पर्यावरण को लाभ होगा। सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह कंग ने ग्राम पंचायत की ओर से उनका आभार जताया। अमीर चावला ने कहा कि यह अटल सत्य है कि जो इंसान इस संसार में आया है, उसे दिन पंचतत्व में विलीन हो जाना है।
इसलिए जीवन में कुछ ऐसा करना चाहिए, जो समाज और आने वाले पीढि़यों के लिए आदर्श बने। पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाया गया आज का एक कदम, हमारी कई पीढि़यों को सुरक्षित वातावरण देगा। पेड़ों को बचाने के लिए, पर्यावरण को बचाने के लिए शव दहन भट्ठी का निर्माण किया जा रहा है। इस मौके पर दलीप भुक्कर, सुभाष, रामचंद्र, सरदार जैल सिंह, भगवान, रामचंद्र, श्याम लाल, घनश्याम, देवेंद्र, गुरदीप सिंह आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
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जो पंचायत सिस्टम को अपनाएगी, उसकी आर्थिक मदद करेंगे

चावला ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले सिरसा शहर के हुडा सेक्टर-19 की शिवपुरी में दो भट्ठी का निर्माण करवाया था, जो सही तरीके से कार्य कर रही हैं। भविष्य में जो भी पंचायत इस विधि को अपनाने की इच्छुक होगी, उसको तकनीक उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आर्थिक सहायता दी जाएगी। चावला ने बताया कि भट्ठी के माध्यम से भारी भरकम शव के संस्कार में मात्र 80 किलो लकड़ी की आवश्यकता पड़ेगी, जबकि साधारण तरीके से अंतिम संस्कार में साढ़े तीन क्विंटल से ज्यादा लकड़ी का इस्तेमाल होती है। वहीं यदि शव नॉर्मल वजन में है तो उसके अंतिम संस्कार में मात्र 60 किलोग्राम लकड़ी ही पर्याप्त है। एक शव का भट्ठी में संस्कार करने पर ढाई क्विंटल से ज्यादा लकड़ी की बचत होती है।
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