सिरसा।जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के छात्र-अध्यापक रैली निकालते हुए। जेसीडी
सिरसा। जेसीडी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के छात्र-अध्यापकों की ओर से गांव फरवाईं कलां में सोमवार को एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली लिंग आधारित हिंसा के विरूद्ध जागरूकता व बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निकाली गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज को महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और समानता के प्रति जागरूक करना रहा।
रैली गांव के प्रमुख मार्गों, चौराहों, चौपालों एवं सार्वजनिक स्थलों से होकर निकाली गई। छात्र-अध्यापकों ने हाथों में जागरूकता तख्तियां, संदेश पट्ट एवं पोस्टर लेकर नारों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने समाज में व्याप्त बाल विवाह, घरेलू हिंसा और लैंगिक असमानता जैसी कुरीतियों से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जानकारी दी।
इन सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन हेतु सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। इस जागरूकता रैली की इंचार्ज कॉलेज की प्राध्यापक डॉ. निशा एवं प्रीति नारा रहीं। उनके कुशल मार्गदर्शन, योजना एवं नेतृत्व में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं अत्यंत प्रभावशाली ढंग से संपन्न हुआ। छात्र-अध्यापकों ने पूरे अनुशासन, उत्साह एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ रैली में सहभागिता की।
जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त, प्रभावी और स्थायी माध्यम है। किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह महिलाओं और बच्चों को कितना सम्मान, सुरक्षा तथा समान अवसर प्रदान करता है। आज भी समाज में लिंग आधारित हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां विद्यमान हैं, जिनका उन्मूलन केवल कानूनों के माध्यम से नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाकर ही संभव है।