सिरसा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर सिरसा डिपो में कर्मचारियों ने सोमवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल की। शाम चार बजे तक रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। भूख हड़ताल में विशेष रूप से राज्य प्रधान नरेंद्र सिंह दिनोद व कोषाध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने भाग लिया।
हालांकि शाम चार बजे सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव रमेश कुमार ने भूख हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को जूस पिलाकर हड़ताल खत्म करवाई। उपप्रधान राजकुमार कैशियर, विरेंद्र कुलेरी, रविंद्र कुमार ने बताया कि सरकार व परिवहन मंत्री की ओर से रोडवेज कर्मचारियों को बुलाकर भी उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा।
प्रदेशभर के रोडवेज कर्मचारी 22 फरवरी को परिवहन मंत्री के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। सिरसा डिपो से भी कर्मचारी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। नेताओं ने कहा कि जनता का पैसा प्राइवेट बस मालिकों को दोनों हाथों से लुटाया जा रहा है। कोरोना काल में हरियाणा रोडवेज की बस और रोडवेज कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत करके यूपी, बिहार जैसे दूर दराज के इलाकों में भी मजदूरों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया।
इन कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की बजाय सरकार ने उन्हें उस समय का ओवर टाइम तक नहीं दिया। कोरोना काल के दौरान किलोमीटर स्कीम की बसों का संचालन न होने पर भी उन्हें 50 करोड़ रुपये की सौगात दी जा रही है, जिसका रोडवेज कर्मचारी पुरजोर विरोध करते हैं। ग्रुप डी के कर्मचारियों को सिरसा डिपो में ओवर टाइम, बकाया नाइट अलाउंस और एलटीसी का भुगतान नहीं किया गया है।
उन्होंने मांग की है कि कर्मचारियों की सभी समस्याओं का बातचीत के जरिए तुरंत समाधान किया जाए। प्रदर्शन की अध्यक्षता डिपो प्रधान पृथ्वी चाहर ने की, जबकि संचालन सतपाल सिंह रानियां ने किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ व जिला सचिव रमेश कुमार सैनी ने भी समर्थन किया। हड़ताल में कुलबीर सिंह, इंदपाल, रवि कुमार, संदीप कुमार कुलबीर सिंह, जगबीर सिंह सहित अनेक रोडवेज कर्मचारियों ने भाग लिया।