डबवाली। श्रीराम कथा में भाग लेते हुए श्रद्धालु। संवाद
डबवाली। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से 18 से 22 नवंबर तक श्री वैष्णो माता मंदिर में पांच दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी त्रिपदा भारती ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का आधार और समाज का मेरुदंड है। इस दौरान उन्होंने सीता स्वयंवर प्रसंग में बताया कि किस प्रकार प्रभु श्रीराम ने अपनी दिव्य लीलाओं को करते हुए गुरुकुल से अपनी शिक्षा का अध्ययन करते हुए अयोध्या में फिर से लौटते हैं।
इस बाद विश्वामित्र राजा दशरथ के पास प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण को मांगते हैं और श्रीराम अपने कार्य की पृष्ठ भूमि तैयार करते हुए मार्ग में ताड़का का वध करते हैं। आगे बढ़ते हुए गौतम ऋषि की पत्नी अहल्या का उद्धार करते हैं एवं यज्ञ की रक्षा के उपरांत गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। भगवान शिव के धनुष को भंग कर जानकी से विवाह करते हैं।
विवाह उत्सव में माताएं गोदान करती हैं। साध्वी ने कहा कि गाय सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा गाय की रक्षा ही भारत की रक्षा है गाय की रक्षा ही संस्कृति की रक्षा है, इसलिए उठो अपनी संस्कृति और संस्कारों को जान समझ अपनी गाय माता को सुरक्षित करो जो हमारी कृषि तंत्र का आधार है जो पर्यावरण की दात्री है।
समाज का आधार हो उसे संरक्षित करो उठो भारत वासियों चलो संस्कृति की ओर बढ़ो गाय माता की ओर, कथा का समापन प्रभु के पूजन व पावन आरती से किया गया। तृतीय दिवस का शुभारंभ दीपक सोनी, उनकी धर्मपत्नी पूजा सोनी और पुत्र तेजस, एडवोकेट जगत भूषण मिड्डा, उनकी धर्मपत्नी सुषमा मिड्डा और पुत्र एडवोकेट जतिन मिड्डा ने पूजन से किया।