ढाणी नटार में सितंबर 2012 को महिला और उसके दो मासूम बच्चों को जिंदा जलाकर मारने के मामले की सुनवाई शुक्रवार को पूर हो गई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय की अदालत ने फैसला शनिवार तक सुरक्षित रखा है।
ढाणी नटार में 19 सितंबर 2012 को लोगों ने सुबह मलकीत सिंह के घर से लोगों ने धुआं उठता देखा। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया।
ग्रामीणों ने जब कमरे में पड़ा संदूक खोला तो आंखें फटी रह गईं। संदूक में मलकीत सिंह की पत्नी अमरजीत कौर, दो वर्षीय बच्ची नवदीप कौर और बेटे सहजपाल का शव झुलसा हुआ पड़ा था। परिवार का कोई भी सदस्य उस समय घर पर नहीं था। पुलिस ने अमरजीत कौर के भाई अभोली निवासी रणधीर सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया था।
अन्य महिला से संबंध होने का आरोप
रणधीर सिंह के बयान के अनुसार उसकी बहन अमरजीत कौर की शादी 2010 में नटार निवासी मलकीत सिंह के साथ हुई थी। उसने मलकीत को काम शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये दिए, लेकिन उसने ये रुपये एक महिला को रुपये देने शुरू कर दिए। आरोप है कि उक्त महिला साथ मलकीत के अवैध संबंध थे। मलकीत सिंह उसकी बहन से रोज मारपीट करता करता था।
ग्रामीणों ने दी थी सूचना
19 सितंबर को सुबह रणधीर सिंह के पास ग्रामीण नीटा का फोन आया कि उसकी बहन के घर में आग लगी है। जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो संदूक में अमरजीत कौर, नवदीप कौर और सहजपाल की झुलसी हुई लाशें पड़ी थीं।
उसने मलकीत पर तीनों को बेहोश कर जिंदा जलाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने अमरजीत कौर के ससुर भजन सिंह, देवर भोला और जंडी वाली गली निवासी मीनू के खिलाफ केस दर्ज किया था।