हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। जिले की स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट के एक फैसले को विवादित मानते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देने के साथ ट्रायल कोर्ट को सात दिनों के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस गुरविंद्र सिंह गिल ने जारी आदेश में कहा है कि ट्रायल कोर्ट को अगली सुनवाई की तारीख पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है और यह भी सत्यापित करना है कि किन परिस्थितियों में विवादित आदेश पारित किया गया, जो कि काफी अस्पष्ट है।
याचिकाकर्ता सिमरजीत उर्फ रम्मी ने चार नवंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिरसा की स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा 23 जुलाई को उसकी जमानत रद्द करने के फैसले का विरोध जताया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गुरपाल सिंह ने हाईकोर्ट में बताया कि ट्रायल कोर्ट ने याचिकाकर्ता सिमरजीत उर्फ रम्मी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई थी। इसके बावजूद उसकी जमानत रद्द कर दी गई। एक बार जब व्यक्तिगत उपस्थिति की छूट मिल गई तो जमानत रद्द करने का कोई सवाल नहीं है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद जस्टिस गुरविंद्र सिंह गिल ने निर्देश दिया किया याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। यदि याचिकाकर्ता इस अवधि के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होता है तो ट्रायल कोर्ट याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत पर रिहा कर देगा, बशर्ते वह अपनी संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड प्रस्तुत करे। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च 2025 को होगी।
ये है पूरा मामला
मामले के अनुसार 28 अगस्त 2019 को सीआईए सिरसा पुलिस डिंग इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान जीटी रोड पर पुलिस ने एक कार को रोका। कार में चार युवक सवार थे। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो 45 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपियों की पहचान सिमरजीत उर्फ रम्मी निवासी गिदडवा पंजाब, गिंदा सिंह निवासी किलियांवाली पंजाब, शेरू सचदेवा निवासी मंडी डबवाली व भिंदा सिंह निवासी चन्नू जिला मुक्तसर पंजाब के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ डिंग पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।